मी टू अभियान पर अमर सिंह का बयान
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देशभर में #MeToo (मी टू) अभियान की खूब चर्चा हो रही है। राजनीति से लेकर फिल्मी जगत की हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। इस बीच सांसद अमर सिंह ने भी 'मी टू' से खुद को खतरा बताया है। अमर सिंह ने कहा कि 'मी टू' का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। 'मी टू' का आरोप लगाने वाले अगर आरोप प्रमाणित कर सकें तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन सिर्फ आरोप लगा दें तो यह एक बड़ा सवाल है।
अमर सिंह मंगलवार को फिरोजाबाद में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान के लिए कोई भी अभियान चलता है, वो ठीक है। लेकिन उन्होंने मी टू को लेकर सवाल भी उठाया है।
खुद को बताया खतरा
मी टू कैंपेन में लगाए जा रहे यौन शोषण के आरोपों पर अमर सिंह ने फिल्म अभिनेता जितेंद्र का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जितेंद्र पर आरोप लगाया गया कि 40 साल पहले उन्होंने किसी महिला का यौन शोषण किया।
'मी टू' को लेकर अमर सिंह ने खुद को भी खतरा बताया। उन्होंने कहा कि 'मी टू' मामलों की सही जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे तो कोई मुझे भी फंसा सकता है।
अमर सिंह ने 'मी टू' को लेकर ऋषियों और देवताओं से भी जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इंद्र जब विश्वमित्र के तप से परेशान हो गए तो उन्होंने मेनका को भेजा था। अगर पुराण में लिखा सत्य मानें तो विश्वमित्र का 'मी टू' हुआ था। वो पुरुष थे।
क्या है मी टू अभियान
इस अभियान के तहत महिलाएं अपने कार्यक्षेत्र में अपने साथ हुए यौन शोषण का खुलासा का रही हैं। इसमें ऐसी बातों को भी बताया जा रहा है, जिसके चलते किसी महिला को असुरक्षा या अपमानित महसूस हुआ हो और उसे शारीरिक या मानसिक तौर पर प्रताड़ित होना पड़ा।