सोशल मीडिया पर चल रहे कैंपेन 'मी टू अभियान' में शिकायतों की सूची में सिनेमा और मीडिया इंडस्ट्री के बाद अब सफेदपोश नेताओं के नाम भी जुड़ रहे हैं। #MeToo के तहत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के बाद अब इसके लपेटे में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता भी आ गए हैं। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने मंगलवार को ही पार्टी के छात्र इकाई एनएसयूआई के अध्यक्ष फिरोज खान का इस्तीफा ले लिया था। उन पर संगठन में पद देने की एवज में महिला का उत्पीड़न करने का आरोप लगा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा मामले में एक महिला पत्रकार ने यूपीए सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस नेता के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला पत्रकार ने आरोपी मंत्री के नाम का जिक्र किए बगैर अपनी दर्दभरी कहानी ब्लॉग के जरिये बयां की है।
अहमदाबाद की रहने वाली महिला पत्रकार सोनल केलॉग ने 'डेली ओ' वेबसाइट के लिए लिखे ब्लॉग में बताया कि उन्हें रिपोर्टिंग के दौरान कैसे हालातों से गुजरना पड़ा। इस ब्लॉग में उन्होंने जिक्र किया कि गुजरात में अंग्रेजी अखबार 'द एशियन एज' के बंद होने के बाद साल 2006 में उन्हें दिल्ली आना पड़ा। दिल्ली आने पर उन्हें एक केंद्रीय मंत्री को कवर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वह मीडिया पसंदीदा और कई वरिष्ठ महिला पत्रकार उनके करीब हैं। मैंने उन्हें अन्य महिला पत्रकारों से मिलते वक्त भी उनको गले लगाते हुए देखा है। वह महिला अधिकारों और सशक्तिकरण के काफी समर्थक, साथ ही काफी शिक्षित भी हैं। उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई की है।
केलॉग ने बताया कि मंत्री हमेशा उन्हें चूमकर या गले लगाकर स्वागत किया करते थे। मैं दिल्ली में नयी थी इस वजह से भी मैंने इसकी शिकायत नहीं कि अगर मैंने कुछ कहा तो इसे एक छोटे से शहर की मानसिकता के तौर पर देखा जाएगा।
केलॉग ने बताया कि मंत्री की हरकतें बस यहीं तक सीमित नहीं रहीं बल्कि वह इससे आगे भी बढ़ गए। साल 2014 में जब उनके सरकारी बंगले पर जाना हुआ तो मैं उनसे बैठकर बात कर रही थी, इसी बीच जब वह वॉशरूम जा रहे थे तो उन्होंने मेरी छाती भी दबाई थी। मंत्री की इस हरकत से सहमी केलॉग ने कहा कि वह उनसे दूर रहें। केलॉग के मुताबिक, वह इस घटना के बाद मंत्री से नहीं मिली।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर माह में ही देश में करीब 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इनमें अधिकांश मामले ऐसे हैं जो अब तक सोशल मीडिया तक ही सीमित हैं। बता दें कि #MeToo अभियान ने उस समय जोर पकड़ा जब पिछले कई वर्षों से फिल्मों से गायब रहीं पूर्व मिस इंडिया और फिल्म अभिनेत्री तनुश्री दत्ता वापस आईं और उन्होंने नाना पाटेकर पर कई आरोप लगा दिए। उन्होंने बताया कि किस तरह दस साल पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। पिछले महीने एक इंटरव्यू में तनुश्री ने अपनी आपबीती सुनाई थी। इस खुलासे ने तो मानों जैसे पीड़िताओं को हिम्मत देने का काम किया क्योंकि बहुत सी महिलाओं ने अपने आरोपियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया है।