महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तरी कोंकण, ठाणे और पालघर में सोमवार को बेहद भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने इस बात की चेतावनी रविवार को दी। इससे पहले मौसम विभाग ने बृहनमुंबई नगर निगम को मुंबई के चक्रवात की राह में नहीं होने की जानकारी दी थी।
लेकिन रविवार को आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु शोध व सेवा संस्थान सिड के प्रमुख केए, होसालिलार ने ट्वीट किया कि चक्त्रस्वात के ताजा रुख के हिसाब से इसके 17 मई को दोपहर बाद मुंबई के तटीय इलाके से करीब 200 किलोमीटर दूर से गुजरने की संभावना है।
इसके चलते तटीय इलाकों में बेहद भारी बारिश होगी। सीएम ऑफिस के मुताबिक, अलर्ट के चलते बीएमसी को मेकशिफ्ट कोविड केयर सेंटर से 580 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है।
बीकेसी से 243, दहिसर से 183 और मुलुंड से 154 मरीजों को दूसरी जगह भेजा गया है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लाइफगार्ड सहित हमारी टीमें समुद्र के पास तैनात हैं। हमने सभी बड़े पेड़ों को काट दिया है और पुलिस गश्त कर रही है।
गुजरात में तटीय इलाकों में जनहानि को रोकने के लिए करीब 1.5 लाख लोगों को रविवार को सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया। बड़ी संख्या में कच्चे घरों वाले भावनगर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, इसके चलते यहां से सबसे ज्यादा लोग शिफ्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य टीमों को हाई अलर्ट पर रखने के साथ ही एनडीआरएफ की 44 और एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, हम लोग 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को दूसरी जगह भेज रहे हैं। राज्य में अगले दो दिन के लिए कोरोना टीकाकरण बंद करते हुए उसमें लगे स्वास्थ्य कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जामनगर स्थित विश्व की सबसे बड़ी रिलायंस रिफाइनरी में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि हम हालात पर नजर रख रहे हैं।
इस रिफाइनरी के चक्रवात की चपेट में आने की संभावना है। मुंद्रा स्थित देश के सबसे बड़े निजी व्यवसायिक बंदरगाह पर फिलहाल कामकाज जारी है, लेकिन बंदरगाह प्रबंधन का कहना है कि हालात के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। हालांकि कांडला स्थित देश के सबसे बड़े सरकारी बंदरगाह पर निचले इलाकों से 5000 लोगों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है।
बंदरगाह के चेयरमैन एसके मेहता ने कहा कि किसी भी नए जहाज के गोदी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है और मौजूदा जहाजों को भी गहरे समुद्र में भेजा जा रहा है। राज्य में 21 मई तक रेल सेवाओं के प्रभावित रहने के आसार हैं। गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने आपात हालात में भी बिजली बहाल रखने के लिए 2000 बिजली कर्मियों को तैनात किया है।
अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप के ऊपर से आगे बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान ताउते रविवार को सबसे पहले कर्नाटक पहुंचा। कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, तूफानी हवाओं और तेज बारिश ने सात जिलों दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, कोडागू, शिवमोगा, चिकमगलूरू और हासन के 17 तालुका के 73 गांवों में कहर बरपाते हुए तबाही मचाई है।
तूफान का सबसे ज्यादा असर उडुपी जिले में रहा, जहां 28 गांवों में सबसे ज्यादा घर गिरे हैं। सुबह 8.30 बजे तक ही उडुपी के कुंडापुरा तालुका में 315 मिलीमीटर, जबकि अन्य जिलों के 15 मौसम स्टेशनों पर 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी थी।
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कन्नड़ में एक मछुआरे की, उडुपी में बिजली के खंभे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि चिकमगलूरू में घर गिरने से और शिवमोगा में बिजली गिरने से 1-1 व्यक्ति की मौत की खबर है।
राज्य में कुल 112 घर गिरने और 616 लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। 318 लोगों को बारिश प्रभावित इलाकों से बचाया गया है।
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने तटीय इलाकों के इंचार्ज मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य तेज कराने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री बासवराज बोम्मई के मुताबिक बचाव कार्य में दमकल, पुलिस, तटीय पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के करीब 1000 प्रशिक्षित जवान लगाए हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद गोवा पहुंचे ताउते की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। बहुत सारे खंभे उखड़ने और लाइनों पर पेड़ गिरने से राज्य में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
तमिलनाडु के 15 मछुआरे लापता
कोझीकोड के बेपोर बंदरगाह से पांच मई को समुद्र में उतरे कम से कम 15 मछुआरे लापता हैं। ये सभी तमिलनाडु के मूल निवासी हैं। इसी नाव के साथ गई एक अन्य नाव इंजन में कुछ यांत्रिक खराबी के कारण गोवा तट पर पहुंच गई है।
केरल का एक गांव को नुकसान
केरल में भी चक्रवात के कारण भारी बारिश और तूफानी हवाओं से नुकसान तिरुवनंतपुरम स्थित तटीय गांव वलियाथुरा में समुद्र की तेज लहरों से कई घरों के नष्?ट होने की सूचना है।
राजस्थान में भी चक्रवात का पूर्व प्रभाव शुरू
ताउते चक्रवात के आखिरी दौर में प्रभावित होने की संभावना वाले दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ आधा घंटे तक बारिश दर्ज की गई। कोटा जिले में इसका असर सबसे ज्यादा रहा। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने राज्य के ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों को अपने यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने सभी कोविड देखभाल केंद्रों और अस्पतालों में बिजली के वैकल्पिक इंतजाम रखने का निर्देश जिला कलेक्टरों को दिया है।