राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को कई अहम लक्ष्यों के हासिल करने के करीब बताते हुए व्यर्थ के मुद्दों में न उलझने की सलाह दी है। 72वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ महज राजनीतिक स्वतंत्रता हासिल करना नहीं, बल्कि आजादी के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के सपनों के भारत का निर्माण करना भी है।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को सही अर्थों में भारतीयता से पहचान कराई। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद हमारी विकास गाथा की दुनिया भर में सराहना हो रही है। ऐसे में हमें ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझ कर देश को आगे ले जाने पर केंद्रित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त भारत, सबको घर, सबको बिजली, सभी घरों में गैस कनेक्शन का लक्ष्य पूरा होने के करीब है। राष्ट्रपति ने इस दौरान आजादी की लड़ाई और दुनिया में भारत की पहचान स्थापित करने में महात्मा गांधी की भूमिका को याद किया।
उन्होंने कहा कि गांधीजी ने हमें बताया कि हिंसा से अहिंसा की शक्ति बड़ी है। प्रहार से संयम ज्यादा सराहनीय है और सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।