भारत के चंद्रयान-3 ने अंतरिक्ष में अपना लोहा मनवा होते हुए बेहद सराहनीय काम किया जिसकी गूंज पूरी दुनिया में गूंजी। इसरो के चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने बुधवार (23 अगस्त) को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। वहीं, अब चंद्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग पर यूके अंतरिक्ष एजेंसी ने संदेश जारी किया है।
दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां चंद्रमा और उससे आगे पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं
यूके स्पेस एजेंसी के चैंपियन स्पेस डायरेक्टर प्रोफेसर अनु ओझा ओबीई ने बताया कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में चंद्रयान -3 की सफल लैंडिंग और हाल ही में लॉन्च किए गए आदित्य-एल 1 सौर मिशन की प्रगति इस बात का सबूत है कि हम अंतरिक्ष युग में जी रहे हैं। दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां और कंपनियां चंद्रमा और उससे आगे पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।
मिशनों की यह वर्तमान श्रृंखला अवसर के नए क्षेत्रों पर केंद्रित
उन्होंने बयान जारी कर कहा कि मिशनों की यह वर्तमान श्रृंखला अवसर के नए क्षेत्रों पर केंद्रित है। चंद्रयान-3 के मामले में, चंद्रमा की सतह पर पानी की मौजूदगी के बारे में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजें की जानी हैं, जो मनुष्यों को लंबे समय तक वहां रहने और काम करने में सहायता कर सकती है।
आगे उन्होने कहा कि इस बीच, आदित्य-1 पृथ्वी के चारों ओर के पर्यावरण पर सौर घटनाओं के प्रभाव की हमारी सामूहिक समझ को बढ़ाने का अवसर प्रस्तुत करता है जिसमें बहुत सारे उपग्रह काम कर रहे हैं जिन पर हम अपनी संचार और नेविगेशनल सेवाओं के लिए निर्भर हैं।
यूके स्पेस एजेंसी के चैंपियन स्पेस डायरेक्टर प्रोफेसर अनु ओझा ओबीई ने कहा कि यूके अंतरिक्ष एजेंसी इन अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने और हमारे ग्रह और इसके लोगों के लाभ के लिए यूके के विज्ञान और प्रौद्योगिकी को कुछ सबसे रोमांचक वैश्विक अन्वेषण मिशनों के केंद्र में रखने के लिए प्रतिबद्ध है।