मेरी रात मेरी सड़क हैशटैग से सोशल मीडिया पर चल रहे आंदोलन 12 अगस्त को सड़कों पर आ गया। बड़ी संख्या में दिल्ली एनसीआर समेत कई शहरों में महिलाएं रात को सड़क पर निकलीं। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम कर रही संस्था मेरा रंग ने गाजियाबाद में इस आंदोलन की कमान संभाली। उनके साथ वुमनिया संस्था भी सक्रिय रही। रात नौ बजे कौशांबी वेब सिनेमा के पास इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली और कौशांबी से हर उम्र की महिलाएं पहुंची। उन्होंने मेट्रो स्टेशन होते हुए पैसिफिक मॉल तक घुमक्कड़ी की और मेरी रात, मेरी सड़क के नारे लगाए।
मीडिया से बातचीत में मेरा रंग की संचालक शालिनी श्रीनेत ने कहा, "जब कोई यह कहता है कि इतनी रात को कोई महिला या लड़की सड़क पर क्या कर रही थी तो यह सुनकर दुख होता है। हम भी पुरुषों की तरह इस देश के नागरिक हैं। " वुमनिया वेबसाइट की संचालक प्रतिभा ज्योति ने कहा, "रात को चलकर सुरक्षित घर पहुंचने का अधिकार सिर्फ पुरुषों का नहीं महिलाओं का भी है।"
इस मौके पर महिला अधिकारों के लिए सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार गीताश्री भी पहुंचीं। उन्होंने कहा, संगठन में बड़ी ताकत है, हमें एकजुट होकर विरोध करना होगा। एक मल्टीनेशनल पब्लिकेशन कंपनी में काम कर रही और जानेमाने कवि मंगलेश डबराल की बेटी अलमा डबराल ने कहा सबसे पहले तो यह सेंटेंस बैन हो जाना चाहिए कि महिलाएँ रात को निकलती क्यों हैं। साइंटिस्ट योगिता शुक्ला ने कहा, मैं एक इंडपेंडेंट वुमेन हूँ और यह हमारा अधिकार है।
सोशल वर्कर पुर्णिमा अरुण ने कहा, हमारे वक्त में औरतों को इतना डर नहीं था। उन्होंने कहा, मेरी मां अगर मुझे निडर बना सकती हैं, तो आज की माएँ अपनी बेटियों को क्यों नहीं निडर बनातीं। एक टीनएज बच्ची ने कहा, आप कपड़े पहनते हैं, खाना खाते हैं, सांस लेते हैं तो समय देखकर लेते हैं? तो बाहर जाते समय में समय क्यों देखें?
इस आंदोलन में बहुत से पुरुषों ने भी हिस्सा लिया। इंडिया टीवी के मनीष मिश्रा ने कार्यक्रम को फेसबुक पर लाइव किया। इसके अलावा वेंकटराम, आम आदमी पार्टी के पंकज सिंह, सोशल वर्कर और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के संचालक बिलाल अजीम उत्तराखंडी, वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु गुप्त और सोमित्र मिश्रा भी अपने साथियों के साथ पहुंचे। मेट्रो स्टेशन के आसपास बहुत से लोगों ने भी मेरी रात मेरी सड़क के बारे में पूछा और इस आंदोलन में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
इस मौके हबीब तनवीर के साथ थिएटर कर चुकी अज्ञेश जी ने भी इस मौके पर खूब नारे लगाए। इस मौके पर रीता, गौरी पांडेय, अनु शर्मा समेत बड़ी संख्या में महिलाएँ व लड़कियां उपस्थित रहीं। अंत में इस कार्यक्रम की संयोजक शालिनी और प्रतिभा ने सभी के प्रति आभार जताया और कहा कि इस आयोजन को जारी रखा जाएगा और जल्दी ही हम फिर इस तरह की एक वॉक का आयोजन करेंगे।