भारतीय नौसेना की विस्फोटक आयुध टीम ने सोमवार को मुंबई पहुंचे व्यापारी जहाज एमवी केम प्लूटो का निरीक्षण किया। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि हमले के क्षेत्र और जहाज पर पाए गए मलबे की जांच से ऐसा लगता है कि लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज पर ड्रोन हमला किया गया था। हालांकि, सभी विवरणों का पता लगाने के लिए आगे फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी।
ड्रोन हमले के दो दिन बाद व्यापारिक जहाज एमवी प्लूटो को सोमवार दोपहर 3:30 बजे मुंबई के बाहरी बंदरगाह पर लाया गया। इससे पहले, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी प्लूटो पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किए जाने की पुष्टि की थी। सऊदी अरब से मंगलूरू आ रहे इस जहाज पर शनिवार को अरब सागर में हमला किया गया था। इस पर चालक दल के सदस्य के रूप में 20 भारतीय और एक वियतनामी तैनात थे। हमले के बाद एमवी प्लूटो पर आग लग गई थी।
फॉरेंसिक और तकनीकी टीमें करेंगी विस्फोटक के प्रकार और मात्रा की जांच
रक्षा अधिकारियों ने कहा, जहाज के मुंबई पहुंचने के बाद भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, खुफिया एजेंसियों और अन्य संबंधित एजेंसियों की ओर से संयुक्त रूप से जांच शुरू की गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जहाज पर हमला किस प्रकार किया गया। पश्चिमी नौसेना कमान का समुद्री संचालन केंद्र तटरक्षक बल और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय एवं निगरानी कर रहा है। नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, हमले के क्षेत्र और जहाज पर पाए गए मलबे का विश्लेषण करने पर ड्रोन हमले का संकेत मिला है। हमले में इस्तेमाल किगए विस्फोटक के प्रकार और मात्रा की जांच फॉरेंसिक एवं तकनीकी टीमें करेगी। पोत का विश्लेषण पूरा होने के बाद विभिन्न एजेंसियों संयुक्त रूप से जांच शुरू करेंगी।
जांच के बाद की जाएगी मरम्मत
नौसेना ने कहा, एमवी केम प्लूटो को मुंबई में उसकी कंपनी प्रभारी की ओर से अग्रिम संचालन के लिए मंजूरी दे दी गई है। जहाज से जहाज में माल स्थानांतरित करने से पहले जहाज को विभिन्न जांचों से गुजरना होगा। इसके बाद एमवी प्लूटो के क्षतिग्रस्त हिस्से की डॉकिंग और मरम्मत की जाएगी।
वहीं, व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं के बाद भारतीय नौसेना ने अरब सागर के विभिन्न क्षेत्रों में आईएनएस मोर्मुगाओ, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता सहित कई गाइडेड मिसाइल विध्वंसक तैनात कर दिए। इसके अलावा, लंबी दूरी के समुद्री टोही पी8 विमानों की भी तैनाती की जा रही है।