चेन्नई में मानसिक रूप से बीमार एक कॉलेज छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस मामले में टिप्पणी करने से बचें, क्योंकि इससे पीड़िता के परिवार को मानसिक पीड़ा होगी। पुलिस ने रविवार को जानकारी दी कि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के पिता ने शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पीड़िता के मित्र और उसके साथियों से पूछताछ की। जांच के दौरान पाया गया कि पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
भाजपा नेता के गंभीर आरोप
इस पूरे प्रकरण पर भाजपा ने कहा, चेन्नई के अयनावरम इलाके में सात लोगों के गिरोह ने मानसिक रूप से विक्षिप्त कॉलेज छात्रा का यौन उत्पीड़न किया। ऐसी आपराधिक वारदात सिहराने वाली है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई के मुताबिक पीड़िता के पिता ने चेन्नई अयनावरम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोपियों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से तीखा सवाल
अन्नामलाई ने कहा, छात्रा के एक रिश्तेदार के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया जा सका है। पांच फरार हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जो देश के अन्य राज्यों में सभी आपराधिक गतिविधियों की पूरी जानकारी सामने आने पर सबसे पहले निंदा करते हैं, उन्होंने अपने राज्य की इस वारदात पर चुप्पी क्यों साध रखी है?
DGP से शिकायत करेगी भाजपा
पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि भाजपा सोमवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक ज्ञापन देगी। इसमें पीड़िता के पिता की शिकायत पर कार्रवाई करने में देरी करने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करें CM स्टालिन
उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने पीड़िता के पिता से शिकायत बदलने के लिए कहा। दोषियों पर कार्रवाई के बदले पीड़ित पक्ष को ही चेतावनी दी गई। अन्नामलाई ने कहा कि दिव्यांग पीड़िता को सुरक्षा देना राज्य का कर्तव्य है, क्योंकि ऐसी लड़कियों का अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं होता। सीएम स्टालिन को तुरंत उन सभी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करना चाहिए। खुद भी एक पुलिसकर्मी रह चुके अन्नामलाई ने कहा, वे हमेशा पुलिसकर्मियों के समर्थन में रहे हैं, लेकिन इस जघन्य कृत्य को देखते हुए पुलिस का बर्ताव अस्वीकार्य है। पीड़िता के चाचा ने जब दोबारा शिकायत दर्ज कराई तब जाकर केवल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
संदिग्धों के खिलाफ संबंधित नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, जांच के बाद संदिग्धों के खिलाफ संबंधित अधिनियमों की नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें 20 वर्षीय कॉलेज छात्र सुरेश, 19 वर्षीय नरेश और एक स्कूल का छात्र शामिल है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
विस्तृत जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के मानसिक बीमार होने के चलते जांच अधिकारी को विस्तृत जांच करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने बताया कि जांच में तेजी लाने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस की जनता से अपील- मामले में सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचें
पुलिस ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि इस मामले पर टिप्पणी करने से न केवल जांच में बाधा आएगी, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक पीड़ा भी होगी। इसलिए पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई भी टिप्पणी न करें।