यदि अभी कोरोना से हुई मौत का आंकड़ा देखा जाए तो मरने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले बहुत ज्यादा है। एक अन्य सिद्धांत यह है भी है कि टेस्टोस्टेरोन यह दर्शाता है कि पुरुषों में प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है, जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम है, उन्हें कोरोना से अधिक खतरा है। यह शोध स्वानसी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किया है।
शोध के लिए वैज्ञानिकों ने 41 देशों के 2,00,000 लोगों के डाटा का अध्ययन किया है। शोध के दौरान (दूसरी) उंगली और अनामिका की लंबाई का अनुपात निकाला गया। अनुपात जितना कम था, अनामिका उंगली उतनी ही लंबी पाई गई। सबसे कम औसत अनुपात वाला देश मलेशिया था, जहां दूसरी उंगली और अनामिका उंगली की लंबाई का अनुपात 0.976 था, जबकि सर्वाधिक अनुपात बुल्गारिया (0.99) का था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक दिन देशों में अनुपात कम था, वहां मरने वालों की संख्या बहुत कम है। इस सूची में मलेशिया, रूस और मैक्सिको शामिल हैं। वहीं जिन देशों में अनुपात अधिक रहा, वहां मरने वालों की संख्या अधिक है। इस सूची में ब्रिटेन, बुल्गारिया और स्पेन का नाम है। शोध से पता चला है कि लंबी अनामिका उंगली वाले टॉप 10 देशों में कोरोना से मृत्यु दर 3.1 है, जबकि छोटी उंगली वाले टॉप 10 देशों में मृत्यु दर 5 है।