बहुत कम लोगों को पता होगा कि मुंबई के एडीजी हिमांशु रॉय मशहूर लेखर अमीश त्रिपाठी के बहनोई और पूर्व आईएएस अधिकारी भावना के पति थे। भावना ने शादी के कुछ समय बाद एचआईवी एड्स से पीड़ितों की सहायता के लिए काम करना शुरू किया और अपनी आईएएस की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। हिमांशु रॉय से पहली मुलाकात 2011 में मुंबई में हुई थी, राष्ट्रीय स्तर पर वह आईपीएल क्रिकेट मैच में फिक्सिंग की 2013 में पोल खोलने के बाद आए थे। सुपर कॉप रॉय जितने मिजाज से जिद्दी थे उतने ही जिंदा दिल। सख्त जान।
पुलिस नहीं उसका डंडा राज करता है
हिमांशु रॉय दहशतगर्दों के बीच में दहशत का पर्याय थे। उनसे पहले मुंबई पुलिस केवल डी शिवानंद और राकेश मारिया को याद करती थी। राकेश मरिया और डी शिवानंद के अंगुलियों की पोर पर अंडरवर्ल्ड की कुंडली घूमती थी। उनके नेटवर्क की जड़ों को ढंग से पहचानने वाले पुलिस अफसर थे। लेकिन हिमांशु रॉय की अपनी अलग कार्य करने की शैली ने जल्द ही उन्हें सुपरकॉप बना दिया।
उनके बारे में आम है कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड के अंदरुनी तथा पुलिस में फैले नेटवर्क का बखूबी इस्तेमाल करके उसे ध्वस्त कर दिया था। संक्षिप्त सी मुलाकात में सफलता का राज बस इतना ही। जनाब पुलिस नहीं उसका डंडा (हनक) राज करता है। रॉय को करीब से जानने वाले अफसर बताते हैं कि उन्हें गाने, गुनगुनाने में मजा आता था। शास्त्रीय संगीत की समझ रखते थे। बॉलीवुड से उनका रिश्ता भी जगजाहिर था।
2016 से मेडिकल अवकाश
हिमांशु रॉय को कैंसर था और इसके अवसाद में उन्होंने घर में मुंह में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह अप्रैल 2016 से मेडिकल अवकाश पर थे। उनका आखिरी पद एडिशनल डायरेक्टर जनरल (हाऊसिंग) का था। इसे लेकर उनके मन में भारी क्षोभ रहता था। मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम), पूर्व एटीएस प्रमुख को एडीजी (हाऊसिंग)।
उनके विरोधियों और ईष्या रखने वाले लोग भी कम नहीं थे और उनके विरुद्ध तरह-तरह के आरोप को हवा दी जा रही थी। बताते हैं कुछ बड़ी हस्तियां उनकी एडीजी (हाऊसिंग) की तैनाती के लिए जोर लगा रही थी। उन पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक धड़े से जुड़ने तथा उसके ईशारे पर दूसरे धड़े के नेटवर्क को ध्वस्त करने तक का भी आरोप लगा।
2010-2014 तक था गोल्डन समय
2010 से 2014 तक का समय आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय का स्वर्णिम काल था। ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच)। एक के बाद एक जटिल केस। 2013 में आईपीएल क्रिकेट मैच में फिक्सिंग का खुलासा। अभिनेत्री लैला खान और उसके रिश्तेदारों पर नकेल। मर्डर मिस्ट्री को सुलझाना। आतंक का पर्याय बन रहे इंडियन मुजाहिद्दीन के भटकल भाइयों पर नकेल कसना। यासीन भटकल की गिरफ्तारी समेत कई बड़े कदम ने हिमांशु रॉय को सुपरकॉप बना दिया।
हिमांशु रॉय को घुड़सवारी अच्छी लगती थी। पत्रकारों से भी अच्छा और संतुलित रिश्ता रखते थे। उपन्यास पढ़ने के शौकीन हिमांशु रॉय लंबी और ठोस कदकाठी के थे। मेरे मित्र और मुंबई में क्राइम की दुनिया के वरिष्ठ खबरची पत्रकार मित्र के मुताबिक हिमांशु रॉय अपने हिसाब से रिश्ता रखते थे। उनके शौक भी निराले थे।