भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर हमला किया। उन्होंने उन पर तमिलनाडु कांग्रेस की उस चेतावनी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया, जिसमें कांग्रेस ने कहा था कि वह कावेरी नदी पर मेकेदातु बांध के लिए एक भी ईंट नहीं रखने देगी।
मुख्यमंत्री को क्या चुनौती दी?
तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति के डर से शिवकुमार के छिपने की आशंका पर सवाल उठाते हुए, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे अभी चेन्नई जाकर तमिलनाडु कांग्रेस कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करें। तमिलनाडु में कांग्रेस, टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
क्या सवाल उठाया?
अशोक ने एक्स पोस्ट पर सवाल उठाया कि वही डीके शिवकुमार, जिन्होंने कभी राजनीतिक सत्ता के लिए मेकेदातु पदयात्रा नाटक का मंचन किया था, अब तमिलनाडु कांग्रेस के सामने चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? उन्होंने पूछा, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, चुनाव से पहले आपने सत्ता हासिल करने के लिए मेकेदातु मार्च का नुक्कड़ नाटक किया था। अब आप चुप क्यों हैं?'
क्या है पूरा मामला?
कावेरी जल विवाद पर अडिग रुख अपनाते हुए, तमिलनाडु परिषद (टीएनसीसी) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि वह तमिलनाडु की स्पष्ट सहमति के बिना कर्नाटक द्वारा मेकेदातु बांध परियोजना के लिए एक भी ईंट रखने की अनुमति नहीं देगी। नव नियुक्त तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी मणिकम टैगोर एमपी ने चेन्नई में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता की जहां पार्टी ने कहा कि वह कावेरी डेल्टा के किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्यव्यापी तीव्र आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार है।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में शिवकुमार ने 2022 की शुरुआत में कावेरी नदी पर मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना के कार्यान्वयन के लिए दबाव बनाने हेतु "मेकेदातु पदयात्रा" (मेकेदातु से बेंगलुरु तक जल के लिए एक विशाल पदयात्रा) का नेतृत्व किया था। इस विरोध मार्च का उद्देश्य बेंगलुरु और पड़ोसी जिलों के लिए पेयजल सुनिश्चित करना था।
'जनता विश्वासघात का उचित सबक सिखाएगी'
अशोक ने आगे पूछा, 'क्या दिल्ली में कांग्रेस हाई कमांड के निर्देश और तमिलनाडु में आपकी गठबंधन की राजनीति, कावेरी बेसिन में हमारे किसानों के जल अधिकारों और बेंगलुरु में लाखों लोगों की पेयजल आवश्यकताओं से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं?' उन्होंने आगे कहा, 'राज्य की जनता निश्चित रूप से कन्नड़ भाषी लोगों के प्रति आपके विश्वासघात का उचित सबक सिखाएगी।'
मेकेदातु कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित एक बहुउद्देशीय (पेयजल और बिजली) परियोजना है, जिसमें बेंगलुरु दक्षिण जिले के कनकपुरा के पास एक संतुलन जलाशय का निर्माण शामिल है। तमिलनाडु इस परियोजना का विरोध कर रहा है और आशंका जता रहा है कि अगर परियोजना साकार होती है तो राज्य प्रभावित होगा।