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चोकसी अपहरण मामला: सस्पेंस थ्रिलर से ज्यादा हैरतअंगेज हकीकत

Tue, 15 Jun 2021 01:26 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले के उजागर होने के बाद मेहुल चोकसी जनवरी 2018 में देश छोड़कर भाग गया था।
  • 7 जनवरी 2018 को भागोड़े नीरव मोदी का मामा और गीतांजलि ग्रुप का मालिक मेहुल चोकसी एंटीगुआ भाग गया।
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मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) - फोटो : Dominica NewsOnline
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विस्तार
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भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के अपहरण की कहानी किसी बॉलीवुड के सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। मेहुल चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले के उजागर होने से पहले जनवरी 2018 में देश छोड़कर भाग गया था। फिर 7 जनवरी 2018 को भागोड़े नीरव मोदी का मामा और गीतांजलि ग्रुप का मालिक मेहुल चोकसी एंटीगुआ भाग गया।

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लेकिन, मेहुल चोकसी के वकील का कहना है कि वो स्वास्थ्य कारणों से देश से बाहर गया और वहीं 15 जनवरी 2018 को मेहुल ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली। मेहुल के एंटीगुआ में नागरिकता लेने के बाद भारतीय अथॉरिटी ने मेहुल को देश वापस लाने की कार्रवाई तेज कर दी। अचानक तीन साल बाद मेहुल फिर चर्चा में आने लगा।

23 मई 2021 को मेहुल चोकसी के एंटीगुआ से लापता होने की खबरें सामने आने लगी। एक हफ्ते बाद पता चला कि मेहुल डोमिनिका में छुपा था और कथित तौर पर क्यूबा भागने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच चोकसी के घायल होने की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थी।
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मेहुल चोकसी का कहना था कि उसे उसकी दोस्त, भारतीय मूल के दिखने वाले कुछ लोग और एक ऊंचे औहदे पर बैठे नेताओं ने उसका अपहरण करने की साजिश रची थी।एंटीगुआ पुलिस को दिए बयान में मेहुल ने कहा- पिछले एक साल से मेरी दोस्ती बारबरा जाबरिका से है, 23 मई को उसने मुझे कहा कि मैं उसे उसके घर से पिक कर लूं। लेकिन, जब मैं वहां पहुंचा तो करीब 8-10 लोगों ने मुझे घेर लिया और पीटने लगे।

मेहुल के मुताबिक उसे अगवा किया गया था जिसमें उसकी कथित दोस्त जाबरिका भी शामिल थी। एंटीगुआ पुलिस के सामने मेहुल ने 'अपहरण' करने वालों के नाम भी लिए, मेहुल का दावा था कि - दो भारतीय पुलिसकर्मी जैसे लगने वाले लोगों ने उसे मारा है, साथ ही उसका बटवा और घड़ी छीनने का भी आरोप लगाया। एंटीगुआ पुलिस को दिए बयान में मेहुल ने कहा कि 'जब मुझे मारा जा रहा था तब जाबरिका ने मेरी मदद की कोशिश तक नहीं की ना ही बाहर से किसी को मदद के लिए बुलाया, जिस तरह से जाबरिका ने अपने आपको रखा था उससे यही लगता है कि वो मुझे अगवा करने की इस साजिश में शामिल थी।'

चोकसी के वकील का कहना है कि ‘भारतीय एजेंट’ चोकसी को जबरदस्ती डोमिनिका लाए थे ताकि वो किसी वरिष्ठ नेता से मिल सके। तीन जून 2021 को डोमिनिको के हाईकोर्ट ने मेहुल चोकसी की जमानत को खारिज कर दिया और साथ ही 14 जून 2021 तक मामले को भी स्थगित कर दिया गया। साथ ही भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को कड़ी निगरानी के बीच अस्पताल में भर्ती कर दिया गया।

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