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मेहुल चोकसी : डोमिनिका की अदालत ने अवैध प्रवेश मामले में 25 जून तक स्थगित की सुनवाई

Tue, 15 Jun 2021 05:56 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली
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पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी के कैरेबियाई द्वीपीय देश में अवैध तौर पर दाखिल होने से जुड़ी सुनवाई 25 जून तक स्थगित कर दी। डोमिनिका के स्थानीय मीडिया में ये खबरें आई हैं।

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मीडिया वेबसाइट ‘नेचरआइसलेन्यूज’ के मुताबिक सोमवार को मजिस्ट्रेट अदालत ने चोकसी के 23 मई को अवैध तौर पर देश में दाखिल होने के मामले की सुनवाई शुरू की। चोकसी की कानूनी टीम ने अदालत को डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल के डॉक्टरों का एक चिकित्सीय प्रमाणपत्र पेश किया जिसमें बताया गया कि चोकसी मानसिक अवसाद में है और उसका रक्त चाप बढ़ गया है।

मुख्य मजिस्ट्रेट केरेटे जॉर्ज ने मामले की सुनवाई 25 जून तक स्थगित कर दी और चोकसी को अस्पताल में पुलिस की निगरानी में रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से चोकसी को आगे की हिरासत के लिए 17 जून को उसे अदालत के समक्ष पेश करने को कहा।
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चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में वांछित है। लंदन में चोकसी के वकील माइकल पोलाक ने सोमवार को एक बयान जारी कर दावा किया कि कुछ नए प्रमाण मिले हैं जिससे पता चलता है कि बारबरा जबारिका एक नौका में ठहरने के लिए बुकिंग का पता लगा रही थी। चोकसी अंतिम बार बारबरा के साथ नजर आया था। पोलाक ने दो वीडियो भी जारी किए हैं।

बता दें कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने के प्रयास जारी हैं। डोमिनिका हाईकोर्ट में सोमवार को भारतीय अधिकारियों ने हलफनामा दायर कर कहा कि मेहुल चोकसी की भारतीय नागरिकता त्यागने की अर्जी नामंजूर की जा चुकी है। वह अब भी भारतीय नागरिक है। 

हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार उसे एंटीगुआ द्वारा प्रदान की गई नागरिकता को रद्द करने का मुद्दा वहां की सरकार के समक्ष उठा चुकी है। भारत ने एंटीगुआ सरकार से कहा है कि उसने धोखाधड़ीपूर्वक वहां की नागरिकता हासिल की है। भारत में कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देश में किए गए अपराध के सिलसिले में उसकी जरूरत है। 

भारतीय दूतावास के अधिकारियों द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि भारतीय नागरिकता कानून 1955 के तहत उसके द्वारा देश की नागरिकता छोड़ दिए जाने का दावा त्रुटिपूर्ण है। उसकी अर्जी को खारिज किया जा चुका है।  चोकसी की भारतीय नागरिकता अभी तक खत्म नहीं हुई है। उसके द्वारा भारतीय नागरिकता छोड़ दि जाने का दावा भारत के कानून के विपरीत और पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। उसके द्वारा इस बारे में किए जा रहे सारे दावे बोगस हैं।

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