जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को मंगलवार को 14 महीने के बाद रिहा कर दिया गया। मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के साथ ही नजरबंद कर दिया था। उसके बाद से अब उनकी रिहाई हो पाई है।
मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इल्तिजा मुफ्ती ने महबूबा के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि अब महबूबा मुफ्ती की गैरकानूनी हिरासत खत्म हो गई है तो मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया करना चाहती हूं जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में मेरा साथ दिया।
कब क्या हुआ...
- जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाने से एक दिन पहले चार अगस्त की रात को पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती को नजरबंद किया गया था।
- छह फरवरी को महबूबा की हिरासत की अवधि समाप्त होने से पहले ही उन पर पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उनकी नजरबंदी की अवधि बढ़ गई।
- धारा 370 को खत्म करने के बाद मुफ्ती ने कहा था, 'आज का दिन भारतीय लोकतंत्र का स्याह दिन है। अनुच्छेद 370 निरस्त करने का भारत सरकार का एकतरफा फैसला गैर कानूनी और असांविधानिक है।'
- महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
- उच्चतम न्यायालय ने 29 सितंबर को इल्तिजा की याचिका पर सुनवाई की थी।
- सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केंद्र से कहा कि किसी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता और कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
- सुनवाई के दौरान अदालत ने इल्तिजा मुफ्ती, उनके भाई को अपनी मां महबूबा मुफ्ती से नजरबंदी में मिलने की इजाजत दे दी थी।
- अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख तय की थी, लेकिन उससे दो दिन पहले ही उन्हें रिहा कर दिया गया।