ग्रामीणों ने बांग्लादेश के दो सीमा रक्षकों को खदेड़ा।
- फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के दो जवान बुधवार को मेघालय के दक्षिणी गारो हिल्स जिले में दाखिल हो गए, लेकिन ग्रामीणों ने दोनों जवानों को खदेड़ कर भगा दिया। दोनों जवान बुधवार शाम करीब चार बजे दक्षिणी गारो हिल्स के रोंगारा इलाके में दाखिल हुए थे। दो वर्दीधारी बीजीबी जवानों को एके सीरीज की असॉल्ट राइफलों और लाठियों से लैस देखकर ग्रामीण चौंक गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया। दोनों जवान अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाड़ के सामने के एक गांव में प्रवेश कर गए थे।
घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के सामने यह मामला उठाया और विरोध दर्ज कराया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।बीएसएफ के सूत्रों ने बताया कि उन्हें बांग्लादेश के उनके समकक्षों द्वारा जानकारी दी गई है कि बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश कथित रूप से सीमा पर तस्करी में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए पीछा कर रहे थे। इस दौरान वे अनजाने में भारतीय गांव में प्रवेश कर गए।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चूंकि गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाड़ के सामने है, इसलिए बीजीबी कर्मियों को स्पष्ट रूप से यह एहसास नहीं हुआ कि वे अपराधियों का पीछा करते हुए कब भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गए। सीमा उल्लंघन के संबंध में एक फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई है और आधिकारिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। लेकिन इस दौरान किसी भी भारतीय नागरिक का उत्पीड़न नहीं हुआ।
बीएसएफ ने बांग्ला सैनिकों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई की मांग की
बीएसएफ ने गारो हिल्स में जीरो लाइन के पास भारतीय क्षेत्र में पाए गए बांग्लादेश के दो सशस्त्र सीमा रक्षकों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई की मांग की है। बीएसएफ के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
मेघालय फ्रंटियर के बीएसएफ प्रमुख प्रदीप कुमार ने कहा कि ‘यह मामला बुधवार रात हमारे संज्ञान में आया और हमने तुरंत बीजीबी अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराया। प्रदीप कुमार ने कहा कि हमारे कमांडेंट ने आज बीजीबी में अपने समकक्षों के साथ इस मामले को उठाया था। एक फ्लैग मीटिंग हुई थी और लिखित रूप में एक मजबूत विरोध दर्ज कराया गया था। बीएसएफ के मुताबिक, बीजीबी कमांडेंट ने निरीक्षण किया था और सीमा की जीरो लाइन पर आकर माना था कि उनके जवानों ने गलती की है। बता दें कि यह गांव भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ के बाहर है लेकिन शून्य रेखा के भीतर है जो दोनों देशों के बीच की सीमा का सीमांकन करती है।