पूर्वोत्तर में इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर होता दिखाई दे रहा है। मेघालय में जहां कांग्रेस शुरुआती काउंटिंग में बढ़त बनाए हुए है। वहीं त्रिपुरा में बीजेपी लेफ्ट के गढ़ में सेंध मारने जा रही है। नगालैंड में भी इसबार बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं।
मेघालय विधानसभा चुनाव के नतीजे जैसे-जैसे साफ हो रहे हैं, वहां सियासी हलचल के बीच जोड़-तोड़ की राजनीति भी बढ़ती जा रही है। मेघालय में कांग्रेस कई सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी जीत हासिल कर ली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मेघालय में किसी भी एक दल को बहुमत मिलना मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में अभी से ही वहां सियासी उठापटक का खेल शुरू हो गया है। बीजेपी, कांग्रेस और एनपीपी के नेताओं ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के अहम रणनीतिकार और सोनिया गांधी के भरोसेमंद अहमद पटेल, कमल नाथ दोपहर बाद मेघालय पहुंचेंगे। मेघालय में पिछले 9 साल से कांग्रेस की ही सरकार है। ऐसे में कांग्रेस अपने आपको बचाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।