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हाईकोर्ट की टिप्पणी के अगले ही दिन मेघालय कोयला खदान विस्फोट: दस के मरने की आशंका, युद्ध स्तर पर राहत-बचाव

Thu, 05 Feb 2026 07:01 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के ताशखाई–थांगस्को इलाके में गुरुवार सुबह एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट के बाद युद्ध स्तर पर राहत औरबचाव कार्य जारी है। इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मजदूरों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
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मेघालय हाईकोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के ताशखाई–थांगस्को इलाके में गुरुवार सुबह एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट के बाद युद्ध स्तर पर राहत औरबचाव कार्य जारी है। इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मजदूरों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों में अधिकांश मजदूर असम के रहने वाले बताए जा रहे हैं। कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि कुछ के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है।

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जानकारी के मुताबिक, धमाका उस समय हुआ जब मजदूर खदान के भीतर काम कर रहे थे। विस्फोट के तुरंत बाद खदान का एक हिस्सा धंस गया, जिससे अंदर मौजूद मजदूर बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। सीमित जगह, जहरीली गैस और लगातार धंसान के खतरे के कारण राहत-बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
 

सेना को उतारने पर विचार

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना को भी राहत-बचाव अभियान में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यदि हालात की मांग हुई, तो सेना की विशेषज्ञ इकाइयों की मदद ली जाएगी। फिलहाल अतिरिक्तमशीनरी, ऑक्सीजन सिलेंडर और तकनीकी उपकरण मौके पर पहुंचाए जा रहे हैं।

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अवैध खनन की आशंका

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि जिस खदान में विस्फोट हुआ, वह अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी, जिससे इस बड़े हादसे की आशंका और बढ़ गई। प्रशासन ने खदान क्षेत्र को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

 

हाईकोर्ट की टिप्पणी के अगले ही दिन हादसा

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही, बुधवार को मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध कोयला खनन को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। हाईकोर्ट की ओर से गठित जस्टिस बीपी कटाकी समिति ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जैसे संवेदनशील इलाकों में अवैध खनन पर रोक के लिए कड़ी निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी दोहराया था कि एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित ‘रैट-होल माइनिंग’अब भी कई इलाकों में जारी है, जो मजदूरों की जान और पर्यावरण-दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

 

जांच और मुआवज़े की तैयारी

इस बड़े हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और मजदूर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के संकेत दिए हैं। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी के ठीक अगले दिन हुआ यह हादसा राज्य में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई और उसकी जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है।

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