करीब एक महीना पहले मेघालय की एक अवैध कोयला खान में फंसे 15 खनन कर्मियों की अब तक बरामदगी नहीं होने से सुप्रीम कोर्ट नाराज हो गया है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मेघालय में विभिन्न स्थानों पर चल रहे खनन से निकले कोयले की ढुलाई पर प्रतिबंध लगा दिया।
जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एसए नजीर की पीठ ने यह निर्णय उस याचिका को ठुकराते हुए दिया, जिसमें विभिन्न स्थानों पर खोदे गए कोयले की ढुलाई की इजाजत देने की मांग की गई थी। पीठ ने मेघालय सरकार, केंद्र सरकार और अन्य को नोटिस जारी करते हुए उनसे राज्य में कोयला खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जवाब भी तलब किया और मामले की सुनवाई 19 फरवरी तक स्थगित कर दी।
24 हजार खान चल रही हैं मेघालय में
सुनवाई के दौरान इस मामले में एमिकस क्यूरी बनाए गए वरिष्ठ एडवोकेट कोलिन गोनसाल्वेस ने एक रिपोर्ट का हवाला दिया। गुवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज बीपी ककोटी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी की इस रिपोर्ट में राज्य सरकार के अधिकारियों ने अवैध कोयला खनन की बात स्वीकारी थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि मेघालय में करीब 24 हजार खान हैं, जिनमें से अधिकतर अवैध हैं।