मेघालय देश का पहला राज्य बन गया है जहां जल नीति बनाई गई है। देशभर में पानी की कमी के मद्देनजर इसे एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम माना जा रहा है।
मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रिस्टोन तिनसॉन्ग कहते हैं, "इस नीति का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के साथ सतत विकास और जल संसाधनों का उपयोग करना है। जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण और नदी प्रदूषण जैसे मुद्दों को भी इसमें रेखांकित किया गया है।"
जल संरक्षण के महत्व की चर्चा प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं। पंचायत प्रमुखों के नाम लिखे पत्र में उन्होंने बारिश के पानी को संग्रित करने पर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया है।