पूर्वोत्तर के स्कॉटलैंड के नाम से मशहूर मेघालय में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में विकास ही सबसे बड़े मुद्दे के तौर पर उभर रहा है।
सत्तारूढ़ कांग्रेस जहां राज्य में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने व विकास की नई योजनाएं लागू करने का दावा कर रही है वहीं इस बार सत्ता के प्रमुख दावेदार के तौर पर उभरने वाली भाजपा इस मुद्दे पर मुकुल संगमा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए उससे विकास पर रिपोर्ट कार्ड मांग रही है।
भाजपा ने विकास के साथ ही भ्रष्टाचार को भी अपना मुद्दा बनाया है। इससे पहले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीते दिसंबर में यहां अपनी जनसभा में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का एलान किया था।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर इलाके को चूस लिया है। अब उसके नेता 70 हजार की जैकेट पहन कर घूमते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी संगीत समारोहों के जरिए असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। ध्यान रहे कि राहुल ने एक संगीत समारोह के जरिए ही राज्य में पार्टी का चुनाव अभियान शुरू किया था।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री व
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल संगमा कहते हैं कि भाजपा के पास न तो कोई जनाधार है और न ही कोई सीट। वह दूसरे दलों में तोड़फोड़ के जरिए सत्ता में आने का सपना देख रही है।
संगमा का दावा है कि कांग्रेस सरकार ने बीते पांच साल के दौरान राज्य में जितनी विकास परियोजनाएं लागू की हैं, उतनी योजनाएं पहले कभी नहीं शुरू हुईं। राज्य के लोग कामकाज के आधार पर ही कांग्रेस को दोबारा चुनेंगे।