आज विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 'भारत-बांग्लादेश संबंधों का भविष्य' विषय पर सभी सांसदों को जानकारी दी। इस बैठक में कई दलों के सांसदों ने हिस्सा लिया।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा खासकर हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पड़ोसी देश का दौरा किया। इसके बाद संसद भवन में विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक हुई। इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 'भारत-बांग्लादेश संबंधों का भविष्य' विषय पर सभी सांसदों को जानकारी दी। इस बैठक में तमाम दलों के सांसदों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
बांग्लादेश पर हमारी ब्रीफिंग बहुत बढ़िया रही- थरूर
वहीं इस बैठक के बाद कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों पर स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने कहा, 'बांग्लादेश पर हमारी ब्रीफिंग बहुत बढ़िया रही और जैसा कि आप जानते हैं, विदेश सचिव कल ही वहां (बांग्लादेश) से लौटे हैं, वे हमें बहुत विस्तृत जानकारी देने में सक्षम थे। सांसदों ने सभी महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनकी आप कल्पना कर सकते हैं। बहुत सारे प्रश्न पूछे गए। विदेश सचिव ने विस्तृत और स्पष्ट रूप से उत्तर दिए। हम किसी भी मामले में इस विषय पर संसद को रिपोर्ट करेंगे क्योंकि यह समिति का आधिकारिक विषय है।'
वहीं सूत्रों के मुताबिक, कई सांसदों ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में रहने की स्थिति के बारे में पूछा। हालांकि, प्रश्नों पर उनका क्या जवाब था, इस बारे में फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन
'5 अगस्त के बाद से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 88 घटनाएं'
बता दें कि एक दिन पहले ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्वीकार किया है कि अगस्त महीने में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाए जाने के बाद अल्पसंख्यकों, मुख्य रूप से हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की 88 घटनाएं हुईं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि इन घटनाओं में 70 लोगों को गिरफ्तार हुए हैं।