कभी अखाड़े के पहलवान रहे मुलायम सिंह ने राजनीति में अच्छों-अच्छों को धोबी पाट मारा है। एक दौर था जब राजनीति में मुलायम के दांव पेंच देखकर अच्छे अच्छे भी हैरान रह जाते थे। ऐसा ही एक दांव मुलायम ने साल 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह के पुत्र अजित सिंह के खिलाफ भी मारा था, जिसमें अजित के हाथों मुख्यमंत्री की कुर्सी आते आते रह गई थी और चरण सिंह की विरासत समेटकर मुलायम खुद उनके उत्तराधिकारी और मुख्यमंत्री बन बैठे थे।
लेकिन अब मुलायम को अपनी पार्टी और घर में ही उन्हीं दांवों का सामना करना पड़ रहा है वो भी अपने बेटे और भाई से। इसकी निराशा मुलायम के चेहरे पर भी दिखाई देती है और उनके बयानों में, उनकी निराशा इसलिए भी ज्यादा है कि जिस कुनबे को संरक्षण देकर उन्होंने राजनीति में स्थापित कर देश का सबसे बड़ा राजनीतिक खानदान बनाया वो उनकी आंखों के सामने ही बिखरता और टूटता जा रहा है। हालांकि मौजूदा हालात में मुलायम के साथ यादव परिवार की भी परीक्षा है इस बिखरन को बचाने की। चलिए आइए डालते हैं यादव परिवार की वंश बेल पर एक निगाह-
मुलायम से मिलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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मुलायम सिंह यादव- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
22 नवंबर 1939 को जन्मे मुलायम सिंह यादव ने परिवार में राजनीति की नींव रखी। पांच भाइयों में तीसरे नंबर के मुलायम ने दो शादियां की। पहली पत्नी
मालती देवी की मौत के बाद उन्होंने साधना गुप्ता को पत्नी बनाया। मालती देवी के बेटे अखिलेश हैं और साधना के बेटे प्रतीक। मुलायम फिलहाल सपा के
राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
अखिलेश यादव- यूपी के मुख्यमंत्री
मुलायम सिंह यादव के बड़े पुत्र अखिलेश यादव साल 2012 में यूपी के मुख्यमंत्री बने। ऑस्ट्रेलिया से मास्टर डिग्री लेने के बाद अखिलेश घर लौटे और पिता की
राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। पहली बार 2000 में कन्नौज से पिता की छोड़ी सीट पर सांसद बने। इसके बाद 2012 में मुख्यमंत्री बने, इससे पहले पिता
ने सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। अब फिलहाल उन्होंने खुद को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया है।
डिंपल यादव- सांसद कन्नौज
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी हैं। वह कन्नौज से सांसद हैं। 24 नवंबर 1999 में अखिलेश से उनकी शादी हुई थी। शांत स्वभाव की डिंपल को ही अखिलेश
की असली ताकत माना जाता है जो पर्दे के पीछे रहकर भी राजनीति के हर दांव पेंच को बखूबी समझती हैं।
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शिवपाल यादव- कैबिनेट मंत्री
शिवपाल सिंह यादव, मुलायम के पांच भाइयों में सबसे छोटे हैं। कई लोग मुलायम को राम तो शिवपाल को हनुमान मानते हैं। समाजवादी पार्टी को खड़ा करने
में मुलायम के साथ शिवपाल का भी बड़ा योगदान माना जाता है।
सरला यादव- शिवपाल की पत्नी
वह शिवपाल यादव की पत्नी हैं और दो बार सहकारी बैंक की राज्य प्रतिनिधि रह चुकी हैं।
आदित्य यादव ‘अंकुर’ के अध्यक्ष यूपीपीसीएफ
उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (यूपीपीसीएफ) के अध्यक्ष वह शिवपाल यादव के बेटे हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिव
फेडरेशन (यूपीपीसीएफ) के अध्यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें परिवार की पारंपरिक सीट जसवंतनगर से विधानसभा भेजने
की भी तैयारी है।
रामगोपाल यादव
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रामगोपाल यादव- राज्यसभा सांसद
वह मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं। वह वर्तमान में यूपी से राज्यसभा सांसद हैं। पेशे से अध्यापक रहे रामगोपाल को पार्टी का चाणक्य कहा जाता है।
अक्षय यादव- सांसद
वह मुलायम सिंह के भाई और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव के बेटे हैं। वह इस समय फिरोजाबाद से सांसद हैं।
धर्मेंद्र यादव- सांसद
वह मुलायम सिंह के बड़े भाई अभय राम के बेटे हैं। वर्तमान में वह बदायूं से सांसद हैं। इलाहाबाद में पढ़ाई के दौरान समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र के सानिध्य में उन्होंने छात्र राजनीति की शुरूआत की।
प्रेमलता यादव-राजपाल यादव की पत्नी
प्रेमलता मुलायम सिंह के छोटे भाई राजपाल यादव की पत्नी हैं। वह पहली बार 2005 में इटावा की जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। प्रेमलता के पति राजपाल यादव इटावा वेयर हाउस में नौकरी करते थे और अब रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद से ही वह समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े हैं।
तेज प्रताप यादव - सांसद
इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट साइंस में एमएससी करके लौटे तेज प्रताप सिंह मैनपुरी से सांसद हैं। वह मुलायम के बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह के बेटे हैं। इसके साथ ही वह लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं।
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अपर्णा बिष्ट यादव- विधायक उम्मीदवार
अपर्णा बिष्ट यादव मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। कई सालों से सोशल वर्क से जुड़ी रही हैं। शिवपाल की ओर से उन्हें लखनऊ
कैंट से विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार घोषित किया गया था, लेकिन अखिलेश ने अपनी लिस्ट से उनका नाम काट दिया।
अंशुल यादव- जिला पंचायत अध्यक्ष
अंशुल यादव मुलायम सिंह यादव के भतीजे हैं। वह राजपाल और प्रेमलता के बेटे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में अंशुल ने जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के
तहत आने वाले ताखा ब्लॉक में अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव के चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी।