पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अक्सर सभी पक्षों के राजनीतिक नेतृत्व से मिलना चाहिए, जिससे विपक्षी दलों को उनके तरीकों के बारे में कुछ गलतफहमी दूर करने में मदद मिल सकती है। नायडू ने प्रधानमंत्री के भाषणों पर एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर स्वास्थ्य, विदेश नीति, प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए उनकी सराहना की और कहा कि दुनिया अब भारत के उदय को पहचान रही है।
नायडू बोले, भारत अब एक ताकत बन गया है
उन्होंने कहा कि भारत अब एक ताकत बन गया है, इसकी आवाज अब दुनिया भर में सुनाई दे रही है। इतने कम समय में यह कोई सामान्य बात नहीं है। "सबका विकास सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पीक्स (मई 2019-मई 2020)" नामक पुस्तक का विमोचन करने के बाद नायडू ने कहा कि ये उनके कार्यों के कारण है, जो मार्गदर्शन वह लोगों को दे रहे हैं और भारत प्रगति कर रह है। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा भी समारोह में मौजूद थे।
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपलब्धियों के बावजूद कुछ वर्गों को अभी भी कुछ गलतफहमी के कारण, शायद कुछ राजनीतिक मजबूरियों के कारण उनके तरीकों के बारे में कुछ आपत्तियां हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि समय के साथ इन गलतफहमियों को भी दूर कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री को अक्सर इस पक्ष और उस पक्ष के राजनीतिक नेतृत्व के अधिक से अधिक वर्गों से मिलना चाहिए। नायडू ने कहा कि राजनीतिक दलों को भी खुले दिमाग रखना चाहिए और लोगों के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। नायडू ने कहा, उन्हें भी खुले विचारों वाला होना चाहिए.. आप सभी को यह भी समझना चाहिए कि आप दुश्मन नहीं प्रतिद्वंद्वी हैं। सभी दलों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, प्रधानमंत्री की संस्था, राष्ट्रपति की संस्था, मुख्यमंत्री की संस्था। सभी संस्थानों का सम्मान किया जाना चाहिए।
केरल के राज्यपाल ने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए पीएम को सराहा
आरिफ मो. खान ने मुसलमानों के बीच तीन तलाक की प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी कहा था कि उन्हें सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि वह मुस्लिम महिलाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए कानून नहीं बना सके। खान ने कहा कि नेहरू मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने का साहसिक निर्णय नहीं ले सके। मोदी ने ऐसा करने का साहस किया। हम इस निर्णय के महत्व को दशकों बाद ही समझ पाएंगे।