यूं तो महिलाओं ने अपने दम पर इतिहास के पन्नों में कई इबारतें लिखी हैं। लेकिन इस बार भारतीय वायु सेना के इतिहास में देश की तीन जांबाज बेटियां एक नया अध्याय लिखने जा रही हैं। वो दिन करीब आने को है जब ये बेटियां अपने फौलादी इरादों और बुलंद हौसंलों से आसमान में एक नया इतिहास रचेंगी। दरअसल ये तीनों देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव प्राप्त करने जा रही। तो आइए जानते हैं आखिर कौन है ये जाबांज लड़कियां जो आसमान का सीना चीर कर पहली महिला फाइटर पायलट बनेंगी।
अवनि के दो भाई सेना में कैप्टन
मध्यप्रदेश के रीवा की रहने वाली अवनि चतुर्वेदी, बिहार के बेगूसराय की भावना कांत और गुजरात के बडोदरा की मोहना सिंह वायुसेना के इतिहास में यह एक नया अध्याय जोड़ने जा रही हैं। यह तीनों अभी ट्रेनी पायलट हैं और आगामी 18 जून 2016 को यह तीनों महिला फायटर वायुसेना में बतौर फायटर पायलट शामिल होंगी।
अब सबसे पहले बात करतें हैं कि मूल रूप से मध्यप्रदेश की रहने वाल जाबांज अवनी चतुर्वेदी की। अवनि के पिता पेशे से इंजीनियर हैं और उनके दो भाई भी सेना में कैप्टन हैं। देश सेवा का जज्बा अवनि को विरासत में मिला है।
अवनि के परिवार में उसके चाचा उसके दो भाई देश सेवा में हैं। अवनि का कहना है कि बचपन से सेना की जिंदगी को करीब से जाना है और यही वजह रही कि मुझे यहां तक खींच लाई। अपने बचपन को याद करते हुए अवनि कहती हैं कि बचपन में हर कोई आसमान की ओर देखकर परिंदों की तरह उड़ना चाहता है।
अब वायुसेना में बतौर फायटर पायलट उनकी चाहत पूरी हो रही है। अवनी के मुताबिक महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। वो महिलाओं को संदेश देते हुए कहती हैं कि बड़े सपने देखो और लक्ष्य पर फोकस करो।
'पूरा होने जा रहा बचपन का सपना'
भारतीय वायु सेना
- फोटो : ANI
बिहार के बेगूसरायए की भावना कांत का कहना है कि फायटर पायलट बनना उनका बचपन का सपना था, जो कि अब पूरा होने की दहलीज पर है। वे कहती हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें कभी भी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह एक लड़की हैं और शायद यही वजह रही कि वह एक फायटर पायलट बनने जा रही हैं।
फायटर पायलट बनने जा रही गुजरात के बडोदरा की मोहना सिंह एयरफोर्स फेमिली से आती हैं। उनके दादा और पिता दोनों ने भारतीय वायु सेना सेवा दी है। मोहना आगे कहती हैं फायटर पायलट बनना उनके परिवार की परंपरा और उनका सपना रहा है।
वे बताती हैं कि अपने बैच की आठ लड़कियों में से उन तीन लड़कियों को फायटर पायलट बनने का मौका मिला। इंडियन एयरफोर्स में फिलहाल 94 महिला पायलट हैं। लेकिन ये पायलट सुखोई, मिराज, जगुआर और मिग जैसे फाइटर जेट्स नहीं उड़ाती हैं। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना में 18 जून को महिला फाइटर पायलट का पहला बैच शामिल होगा।
अब तक का सफर
बता दें कि ये तीनों जाबांद लड़कियां फिलहाल हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में अंडर ट्रेनिंग हैं। इन्हें बीते साल दिसंबर में लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए कराए जा रहे प्रशिक्षण में दक्ष पाया गया था। बीते साल हुए प्रशिक्षण के दौरान अकादमी में उच्च अधिकारियों के एक बोर्ड ने 125 कैडेट्स में विमान उड़ाने की क्षमता को गहनता से परखा, जिसके बाद 45 को विमान उड़ाने के लिए चयन किया गया, जिसमें इन 3 महिला पायलट्स का चयन हुआ था।
यह प्रशिक्षण का दूसरा चरण है, इसके बाद कैडेट्स इसमें क्वालीफाई हो जाएंगे वो प्रशिक्षण के तीसरे चरण के लिए कर्नाटक के बिड़ार भेजा जाएगा।इनका प्रशिक्षण बीती जनवरी से शुरू हुआ है जो जून तक चलेगा। मौजूदा समय में ये हैदराबाद के हकीमपेट स्थित लड़ाकू विमान किरण एमके -2 के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।कर्नाटक के बिड़ार में इन तीनों को एडवांस जेट उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।