अमरनाथ गुफा के दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं को अब चिकित्सा प्रमाणपत्र देना होगा और 13 वर्ष से कम एवं 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्री अमरनाथ मंदिर बोर्ड (एसएएसबी) ने एक परामर्श जारी कर कहा है कि तीर्थ यात्रा की अनुमति के लिए हर तीर्थयात्री को एक आवेदन पत्र और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (सीएचसी) जमा कराना होगा।
वेदन पत्र और सीएचसी का प्रारूप, डॉक्टरों की सूची/सीएचसी देने के लिए अधिकृत चिकित्सीय संस्थानों की जानकारी एसएएसबी की वेबसाइट (www.shriamarnathjishrine.com) पर दी गई है। परामर्श में बताया गया है कि एक व्यक्ति केवल एक ही पंजीकरण करा सकता है।
परामर्श में कहा गया है कि अभी 13 वर्ष से कम एवं 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और छह सप्ताह से अधिक समय की गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण करवाने की अनुमति नहीं है। अमरनाथ गुफा श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर और 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस साल तीर्थयात्रा 26 जून से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेगी।