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Measles outbreak: इन राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं खसरे के मामले, छह माह में सामने आए 9,489 केस

Wed, 14 Dec 2022 06:36 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Measles outbreak: खसरे से प्रभावित राज्य महाराष्ट्र बच्चों के टीकाकरण के लिए अतिरिक्ति प्रयास कर रहे हैं। युवा बच्चों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को इसके टीकाकरण में तेजी लाने के लिए कहा है...
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Measles outbreak: खसरे का बढ़ता प्रकोप - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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भारत के कई राज्यों में इन दिनों खसरे के मामले बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। अप्रैल से सितंबर तक के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सामने आता है कि देश में 9,489 मामले सामने आए हैं। ये मामले सोमालिया 8,435 और यमन 6,748 से भी अधिक हैं। लिहाजा भारत के लिए दिसंबर 2023 तक खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों के उन्मूलन का लक्ष्य दूर की कौड़ी साबित हो सकता है।

इन दिनों कई राज्यों में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ने की सूचना मिली है। इनमें महाराष्ट्र, केरल, बिहार, झारखंड, गुजरात और हरियाणा शामिल है। इनमें सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में वर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक 717 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 303 मामले राजधानी मुंबई से हैं। मुंबई में 28 नवंबर तक खसरे से अब तक 10 मौतें हो चुकी है।

खसरे से प्रभावित राज्य महाराष्ट्र बच्चों के टीकाकरण के लिए अतिरिक्ति प्रयास कर रहे हैं। युवा बच्चों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को इसके टीकाकरण में तेजी लाने के लिए कहा है। दक्षिण भारत के राज्यों के साथ-साथ उत्तर भारत के कई राज्यों में मामलों को रोकने के लिए टीकाकरण के जरिए तेजी लाई जाएगी।  

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे के मामलों में अचानक बढ़ोतरी के लिए नियमित टीकाकरण में गिरावट को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। क्योंकि आज भी कुछ समुदाय के लोगों में टीकाकरण को लेकर बहुत झिझक भी है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मामले बढ़ना एक चिंता की बात है। हालांकि प्रदेश में निगरानी और जांच की अच्छी प्रणाली है। लेकिन जिस तरह मुंबई में मामले बढ़ रहे हैं, इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि देश के अन्य शहरों में भी खसरे के मामले तेजी से बढ़ रहे हों।

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