विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
ईरान पर इस्राइल के ताजा जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया में एक बार तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में क्षेत्र में बढ़ते तनाव और शांति व स्थिरता पर उसके प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बातचीत व कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है।
मंत्रालय ने कहा कि जारी संघर्ष से किसी को कोई भी लाभ नहीं है, जबकि निर्दोष बंधक और नागरिक आबादी लगातार पीड़ित हो रही है। उसने आगे बताया कि क्षेत्र में हमारे मिशन भारतीय समुदाय के साथ संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा पर ध्यान दे रहे हैं।
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आईडीएफ ने ईरान पर किए हवाई हमले
इस्राइल ने शनिवार को ईरान में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि इसके कई लड़ाकू विमानों ने तेहरान की मिसाइल फैक्ट्रियों और अन्य ठिकानों पर हमले किए। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, वहीं ईरान ने दावा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले का सफलतापूर्व मुकाबला किया। हालांकि दो सैनिक मारे गए और कुछ स्थानों पर सीमित नुकसान हुआ।
ईरान ने कहा- न्यूनतम था नुकसान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के पास अपनी रक्षा करने का अधिकार है। उसने यह भी कहा कि ईरान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को मानता है। जानकारी के मुताबिक, तेहरान में कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, ताकि इस्राइल के हमलों का जवाब दिया जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि नुकसान बहुत ही न्यूनतम था और तेहरान के भीतरी हिस्से और राजधानी के नजदीक रिवॉल्यूशनरी गार्ड के बेस को निशाना बनाया गया।
ईरान की समाचार वेबसाइट्स ने तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर यात्रियों का वीडियो फुटेज जारी किया, जिसमें यह दिखाया गया कि इस्राइली हमले का प्रभाव कम था। स्थानीय मीडिया ने बताया कि राजधानी और आसपास के सैन्य ठिकानों पर विस्फोट की आवाज सुनी गई। वहीं, आईडीएफ के प्रवक्ता डेनियल हागारी ने कहा, ईरान ने इस्राइल पर दो बार हमला किया, जिसमें ऐसे स्थान शामिल थ, जहां नागरिकों के लिए खतरा पैदा हो सकता था और इसके लिए उन्हें (ईरान) कीमत चुकानी पड़ी है।