फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'US में मंदिरों पर हो रहे हमलों पर दें ध्यान': भारत ने खारिज की अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट, MEA ने दिया कड़ा जवाब

Mon, 16 Mar 2026 11:44 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत एक जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज है, लेकिन यूएससीआईआरएफ बार-बार भारत के बारे में संदेह पैदा करने की कोशिश करता है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह रिपोर्ट वास्तविक चिंता से अधिक एक पूर्वाग्रहपूर्ण एजेंडा को दर्शाती है।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने अमेरिकी संस्था यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की ताजा रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पक्षपाती और प्रेरित करार दिया है। रिपोर्ट में अमेरिका से कहा गया था कि वह भारत के साथ सुरक्षा सहयोग और द्विपक्षीय व्यापार को धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़े।
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूएससीआईआरएफ ने भारत की स्थिति को विकृत और चुनिंदा तरीके से पेश किया है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कथनों पर भरोसा किया है।

ये भी पढ़ें: Congress: मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में दखल देने का लगाया आरोप
विज्ञापन


रिपोर्ट में आरएसएस और खुफिया एजेंसी रॉ पर बैन की मांग
रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई थी कि भारत को 'कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न' यानी विशेष चिंता वाले देश की श्रेणी में रखा जाए। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। 

जायसवाल ने कहा कि इस तरह के बार-बार किए जाने वाले गलत और भ्रामक आकलन से आयोग की विश्वसनीयता ही कमजोर होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आलोचना करने के बजाय यूएससीआईआरएफ को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए।

अमेरिकी संस्था की रिपोर्ट में किया गया क्या दावा?
यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति और खराब हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों को और सख्त किया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Bengal: 'BJP की महिला और बंगाल-विरोधी मानसिकता', चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले पर बोलीं सीएम ममता बनर्जी

भारत ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह की चुनिंदा आलोचना वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज करती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें