अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ बयान देने पर भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करता, सिंधु जल समझौता ठप रहेगा।
33वें आसियान रीजनल फोरम की बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला। पाकिस्तान के उपमुख्यमंत्री और विदेश मंत्री ने भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को बेहद सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच का गलत इस्तेमाल किया है। झूठ फैलाना, दुष्प्रचार करना और अपनी नाकामी छिपाना पाकिस्तान की आदत बन चुकी है।
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क्या पाकिस्तान फिर अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा?
भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने घरेलू संकटों से ध्यान भटकाना चाहता है। वह अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए भारत विरोधी एजेंडा चलाता है। जायसवाल ने पाकिस्तान को नसीहत दी है।
पाकिस्तान की पोल खोलती पांच बड़ी बातें
कश्मीर भारत का अंग: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से हैं। ये हमेशा भारत का हिस्सा रहेंगे।
बोलने का कोई अधिकार नहीं: भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का पाकिस्तान को कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
सिंधु जल समझौता ठप: आतंकवाद रुकने तक सिंधु जल समझौता निलंबित रहेगा। भारत का यह रुख बिल्कुल स्पष्ट है।
पहगाम हमले का जिक्र: भारत ने पहगाम के कायरतापूर्ण आतंकी हमले को याद दिलाया। सीमा पार आतंकवाद ही रिश्तों में सबसे बड़ी बाधा है।
धार्मिक शब्दों का सहारा: पाकिस्तान धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल करके दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
क्या भारत आतंकवाद के खिलाफ रुख और सख्त करेगा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के धार्मिक दुष्प्रचार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए धार्मिक शब्दावली का सहारा लेता है। हकीकत यह है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। भारत ने पाकिस्तान को सीधी नसीहत दी है। पाकिस्तान दूसरों पर उंगली उठाना बंद करे। वह अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद के ढांचे को पूरी तरह तबाह करे। पाकिस्तान को सबसे पहले अपने देश के अंदर सुधार करना चाहिए।