विदेश मंत्रालय और सीबीआई ने बॉम्बे हाई कोर्ट को कहा है कि किसी भी व्यक्ति पर अपने बच्चे के अपहरण का आरोप नहीं लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने यह बात नीदरलैंड सरकार की ओर से भेजे गए नोटिस के मामले में संज्ञान लेते हुए कहा है। मामला मुंबई का है जहां एक व्यापारी पर अपने ही बच्चे के अपहरण का आरोप लगा है।
गौरतलब है कि मुंबई के रहने वाले व्यापारी ने एक डच महिला से शादी की थी, दोनों की एक बच्ची है। दोनो के अलग होने के बाद व्यापारी अपनी बच्ची को लेकर भारत वापस लौट आया। जिसके बाद डच महिला ने व्यापारी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करा दिया। महिला का आरोप है कि सितंबर 2016 में व्यापारी बिना बताए अपनी 2 साल की बच्ची को लेकर भारत चला आया।
महिला का कहना है कि व्यापारी बच्ची को जबरदस्ती अपने साथ ले आया। व्यापारी के खिलाफ इंटरपोल से नोटिस जारी हुआ, जिसके बाद नीदरलैंड की सरकार ने भारत सरकार को इस बात की सूचना दी। नीदरलैंड सरकार की सूचना पर विदेश मंत्रालय ने व्यापारी को गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया।
बता दें कि महिला और व्यापारी की मुलाकात 2010 में एक फिल्म अवार्ड इवेंट में हुई थी। दोनों ने 2011 में शादी कर ली। व्यापारी का कहना है कि शादी के बाद महिला की व्यवहार में बदलाव आ गया। 2014 में महिला ने बच्ची को जन्म दिया। दोनों के अलग होने के बाद डच कोर्ट ने 2016 में महिला को बच्ची सौंप दी थी। जिसके बाद व्यापारी अपनी बच्ची को लेकर वापस भारत लौट आया।