कश्मीर पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) में बात उठने के मसले पर बृहस्पतिवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति साफ की है। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और सउदी अरब में कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह खबर पूरी तरह से अटकलों पर आधारित है।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर विरोध और समर्थन अभियानों के बीच भारत ने दुनिया के देशों को साधने के लिए अपने कूटनीतिक संपर्क का अभियान तेज कर दिया है।
भारत ने दुनिया भर में अपने मिशनों को इस कानून पर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए युद्घस्तर पर कूटनीतिक अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। कुमार ने बताया कि सीएए और एनआरसी पर देश के रुख को स्पष्ट करने के लिए यूएई सहित दूसरे देशों के मिशनों को अलर्ट किया गया है।
इन दूतावासों से कहा गया है कि वह कूटनीतिक चैनल के इस्तेमाल करने के अलावा कानून पर देश का पक्ष रखने के लिए मीडिया से भी संपर्क साधें। इसी कड़ी में दिल्ली में भी विभिन्न देशों के राजनयिकों से संपर्क साधने का सिलसिला जारी है।
कहा गया है कि वे दूसरे देशों को समझाएं कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि इससे भारत में पहले से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक कारणों से उत्पीड़न का शिकार हो कर बतौर शरणार्थी रह रहे लोगों को नागरिकता की दी जाएगी। इस कानून से संविधान का उल्लंघन नहीं हुआ है और इससे धर्म या भाषा के आधार पर भारत के किसी नागरिक की नागरिकता नहीं जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है कि यह विशुद्ध रूप से भारत का आंतरिक मामला है।
असम सहित पूर्वोत्तर भारत में सीएए के विरोध के बाद टल गया भारत और जापान का शिखर सम्मेलन जल्द ही आयोजित होगा। कुमार ने कहा कि हम जापानी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं, और आशा करते हैं कि बहुत जल्द ही हम उनके साथ इसकी तारीख निश्चित कर लेंगे। यह सम्मेलन असम के गुवाहाटी और मणिपुर के इंफाल में आयोजित होना था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी पर मुकदमे की सुनवाई लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में हो रही है। हम अपने उपलब्ध सारे संसाधनों का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए कर रहे हैं कि उसको जल्द से जल्द भारत को प्रत्यर्पित कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हमने एंटीगुआ और बारबुडा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि वे कानूनी कार्यवाही में तेजी ला सकते हैं, तो मेहुल चोकसी के भारत में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती है। गौरतलब है कि ब्रिटेन की अदालत ने भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को 30 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया।