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एमईए: कनाडा में प्रस्तावित खालिस्तान जनमत संग्रह पर भारत सख्त, रूसी सेना में भर्ती भारतीयों पर बड़ा भी अपडेट

Fri, 09 Oct 2026 06:20 PM IST
अमन मौर्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में भर्ती भारतीयों की वापसी के लिए बातचीत जारी है। इसके साथ ही सऊदी हमलों, आएमईसी और बांग्लादेश व्यापार पर भी अपडेट दिया गया।
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कनाडा में प्रस्तावित तथाकथित 'खालिस्तान जनमत संग्रह' (खालिस्तान रेफेरेंडम) से जुड़ी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दोहराया कि भारत सभी भारत-विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता है। 
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नई दिल्ली में आयोजित विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस वार्ता के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कनाडा में प्रस्तावित खालिस्तानी कार्यक्रम से जुड़े प्रश्न के जवाब में कहा, ''हम सभी भारत-विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हैं।''

विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया है कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) 18 अक्टूबर को कनाडा के अल्बर्टा में तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित करने की योजना बना रहा है।
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अगस्त में प्रकाशित एक रिपोर्ट में आतंकवादी और एसएफजे के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा खालिस्तान आर्मी और सिख होमलैंड सिक्योरिटी बल बनाने की घोषणा का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि कनाडा की धरती पर सिख युवकों को अर्ध-स्वचालित राइफलों के साथ प्रशिक्षण लेते हुए दिखाने वाले वीडियो बेहद चिंताजनक हैं और इनके सिख समुदाय पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

'खालसा वॉक्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, पन्नू ने एक वीडियो जारी कर प्रवासी सिखों से अमेरिका के इंडियाना राज्य की राजधानी इंडियानापोलिस में आयोजित तथाकथित खालिस्तान 'जनमत संग्रह' में भाग लेने की अपील की थी। साथ ही उन्होंने 'सिख होमलैंड सिक्योरिटी' बल या खालिस्तान आर्मी बनाने का विचार भी सामने रखा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल के घटनाक्रम- महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत सरकार का पक्ष रखा है। रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों को लेकर विदेश मंत्रालय ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया की भारतीयों की वापसी के लिए लगातार बातचीत जारी है। सऊदी में हुए हमले पर उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में हुए हमलों की वजह से कुछ रुकावटें आई हैं। हमने आम लोगों के लिए बनी सुविधाओं पर हुए उन हमलों की कड़ी निंदा की है। इसके अलावा, मुझे नहीं लगता कि कनेक्टिविटी से जुड़ी कोई और समस्या है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के हवाई अड्डों पर ट्रैफिक चल रहा है।

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रूसी सेना में शामिल भारतीयों क्या बोले?
रूसी सेना में भारतीय नागरिकों को शामिल करने के मुद्दे पर उन्होंने बयान दिया। जायसवाल ने कहा कि हमारे पास मौजूद जानकारी के आधार पर, हमारा मानना है कि करीब 259 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था। इनमें से हम 139 लोगों को छुड़ाने में कामयाब रहे और वे देश लौट आए हैं। हम अभी रूसी सरकार के साथ उन 69 लोगों के बारे में बातचीत कर रहे हैं जिनके बारे में हमारा मानना है कि वे रूसी सेना में हैं। हम उनके ठिकाने के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और यह भी पता लगा रहे हैं कि उन्हें कैसे वापस लाया जा सकता है।

इसके अलावा आईएमईसी प्रोग्राम पर जायसवाल ने कहा कि हमने काफी प्रगति की है और बातचीत जारी है। अगली बैठक कब होगी, इस बारे में मेरे पास अभी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, इस पहल में शामिल देशों के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर हम आपको अपडेट करेंगे।
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भारत-बांग्लादेश व्यापार पर जानकारी
बांग्लादेश से व्यापार पर उन्होंने कहा कि व्यापार पर भारत-बांग्लादेश जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक कल और आज नई दिल्ली में हुई। मुझे पक्का नहीं पता कि बैठक खत्म हो गई है या नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि बातचीत अभी-अभी खत्म हुई होगी या शायद अभी भी चल रही हो। बैठक की अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी स्तर पर की जा रही है और बातचीत व्यापार से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में व्यापार से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
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