पिछले महीने से चल रहे भारत-चीन सीमा विवाद सहित कई मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस में भारत का रुख स्पष्ट किया। भारत सरकार ने ब्रिटेन से कहा कि अगर विजय माल्या शरण मांगे तो उसकी अपील को मंजूर नहीं की जाए। विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि विजय माल्या के जल्द प्रत्यर्पण के लिए हम ब्रिटेन के अधिकारियों के संपर्क में हैं। हमने ब्रिटेन के पक्ष से भी अनुरोध किया है कि उनके किसी भी तरह के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाए।
मालूम हो कि ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण पर मुहर लगा दी थी। अब वहां के कानूनों के मुताबिक कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी हैं, जिसके बाद उसे कभी भी भारत लाया जा सकता है। माल्या पर देश के 17 बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये बकाया है।
भारत-चीन विवाद
विदेश मंत्रालय ने पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच सीमा गतिरोध पर कहा कि मुद्दे का समाधान करने के लिए भारत और चीन वार्ता कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक प्रयासों के तहत सीमाक्षेत्र में शांति कायम रखे जाने और गतिरोध का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
लद्दाख मुद्दे पर श्रीवास्तव ने कहा कि सैन्य कमांडरों के बीच छह जून को हुई बातचीत राजनयिक और सैन्य स्तर पर संवाद की निरंतरता है। छह जून की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि स्थिति का शीघ्र समाधान हमारे नेतृत्वों के मार्गदर्शन के तहत किया जाएगा।
वंदे भारत मिशन
श्रीवास्तव ने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे 1.65 लाख भारतीय को गुरुवार तक वापस लाया जा चुका है। इसमें 29,034 प्रवासी श्रमिक, 12,774 छात्र और 11,241 पेशेवर शामिल हैं।
इमरान खान को जवाब
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की ओर से भारत की मदद करने की पेशकश पर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान के लिए यह याद रखना बेहतर होगा कि वह कर्ज में डूबा है, यह उसके सकल घरेलू उत्पाद का 90 प्रतिशत है। हमारा प्रोत्साहन पैकेज ही पाकिस्तान की जीडीपी जितना है।
टिड्डी दल के हमलों पर श्रीवास्तव ने कहा कि हमने पाकिस्तान को प्रस्ताव दिया है कि हम तकनीकी स्तर की बैठकें कर सकते हैं। ये बैठक टिड्डी चेतावनी संगठनों के बीच हो सकती है।