विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश राज्य के साथ 'विदेश संपर्क कार्यक्रम' का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत के राज्यों के साथ सहयोगात्मक संघवाद को बढ़ावा देने की पहल का हिस्सा है। इस कार्यक्रम का सह-अध्यक्ष, सचिव, एमईए ने, आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ किया।
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कार्यक्रम में कई विभागों के मंत्री रहे मौजूद
इस अवसर पर, समाज में ग्रामीण गरीबी उन्मूलन (एसईआरपी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और एनआरआई सशक्तिकरण एवं सम्बन्ध मंत्री, भी उपस्थित रहे। इसके अलावा एमईए और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि और भर्ती एजेंसियों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम और योजनाओं पर हुई चर्चा
विदेश संपर्क कार्यक्रम के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने पासपोर्ट, वीजा, कंसुलर सेवाओं और प्रवासी भारतीयों की भलाई से जुड़े एमईए के कार्यक्रमों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा सुरक्षित और कानूनी प्रवासन, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आंध्र प्रदेश ने इस अवसर पर अपनी विशेष ताकतों का लाभ उठाकर राज्य में निवेश और पर्यटन बढ़ाने की रणनीतियों पर एमईए को सुझाव दिए।
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2017 में शुरुआत, अब तक कई राज्यों में शुरुआत
इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित कई सत्रों में एमईए और आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने, सहयोग बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के उपायों पर चर्चा की। विदेश संपर्क कार्यक्रम की शुरुआत 2017 में की गई थी। अब तक यह कार्यक्रम तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, त्रिपुरा, बिहार और उत्तराखंड में आयोजित हो चुका है। एमईए भविष्य में अन्य राज्यों के साथ भी इस पहल को जारी रखने की योजना बना रही है।