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US Tarrif Row: विदेश मंत्रालय को भरोसा, टैरिफ पर अमेरिका के साथ बन जाएगी बात; चीन के साथ कई मुद्दों पर सहमति

Sat, 22 Mar 2025 06:10 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

US Tarrif Row: भारत ने अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद के समाधान की उम्मीद जताई है, जबकि चीन साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली और कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। वहीं, भारत ने अमेरिका से भारत विरोधी तत्वों पर कार्रवाई की भी मांग की।
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से टैरिफ नीति लागू करने की निर्धारित समयसीमा में सिर्फ 11 दिन बचे होने के बीच भारत ने एक बार फिर उम्मीद जताई है कि इस मुद्दे का समाधान निकल आएगा। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही कोई सहमति बन जाएगी।
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विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार करने के लिए नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बातचीत चल रही है। इससे लेवी और बाजार पहुंच से संबंधित मुद्दों का समाधान निकल आएगा। जायसवाल ने कहा, सरकार परस्पर लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए बातचीत कर रही है। इसी सिलसिल में वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने 3 से 7 मार्च तक अमेरिका का दौरा किया था। हालांकि, जायसवाल ने इस सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया कि भारत 2 अप्रैल से लागू होने वाले ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ से किसी तरह की छूट की उम्मीद कर रहा है।

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भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले तत्वों पर कार्रवाई करने को कहा
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड को उनके देश से भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले कुछ अलगाववादी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। गबार्ड इस हफ्ते भारत की दो दिन की यात्रा पर आईं थी। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की भारत की यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा थी। अमेरिकी खुफिया निदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत में तुलसी गबार्ड को बैठकों के दौरान हमने भारत विरोधी और अलगाववादी तत्वों की भारत विरोधी गतिविधियों के संबंध में अपनी चिंताओं से अवगत कराया। हमें उम्मीद है कि अमेरिका इस संबंध में उचित कार्रवाई करेगा।

चीन से व्यापारिक संबंधाें की बहाली समेत कई मुद्दों पर सहमति
भारत ने कहा कि चीन के साथ व्यापारिक संबंधाें की बहाली समेत द्विपक्षीय रिश्तों में कई मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। आपसी वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है और दोनों देश एक-दूसरे के साथ विभिन्न स्तरों पर रचनात्मक सहयोग कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अक्तूबर, 2024 में कजान में हुई बैठक द्विपक्षीय संबंधों में अहम मोड़ साबित हुई, जिसके बाद भारतीय विदेश सचिव और चीनी उप विदेश मंत्री के बीच जनवरी में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने  बताया, यह सहमति बनी है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा इसी साल शुरू होगी, लेकिन यात्रा कैसे शुरू होगी, इस बारे में अभी और बातचीत हो रही है। जायसवाल ने कहा, दोनों देशों में संवाद जारी है और सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम और आगे बढ़ेंगे।  

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मोदी-यूनुस मुलाकात नहीं
जायसवाल ने आगामी बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी व बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि उनके पास इस बारे में फिलहाल कोई सूचना नहीं है।
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छह मसलों पर बनी बात
भारत व चीन ने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए छह प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई है, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करना व भारतीय तीर्थयात्रियों को तिब्बत जाने की अनुमति देना शामिल है। द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध बहाली, जल संसाधनों के प्रबंधन पर डाटा साझा करना, सांस्कृतिक, शैक्षिक व पर्यटन के जरिये लोगों के बीच संबंधों को प्रोत्साहित करना व नाथुला सीमा से व्यापार फिर शुरू करना भी शामिल है।

संबंधों को दोबारा स्थापित कर सकते  हैं भारत-कनाडा
भारत और कनाडा अपने तनावपूर्ण संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा, संबंधों में आई गिरावट का कारण कनाडा की ओर से चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों के प्रति नरम रुख अपनाना है। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने उम्मीद जताई कि दोनों देश आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को फिर से स्थापित कर सकते हैं। 

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