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MEA: जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत, जल्द पूरा हो सकता है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

Wed, 09 Apr 2025 08:41 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को साप्ताहिक ब्रीफिंग में कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते को लेकर अहम जानकारी दी। साथ ही उन्होंने मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की वापसी को लेकर भी अहम बयान दिया। आइए जानते है कि उन्होंने क्या-क्या कहा...
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भारत-अमेरिका। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर दुनियाभर के बाजार में उथर-पुथल मची हुई है। इसका अच्छा खासा असर अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में जुड़े देशों पर भी हो रहा है। इसी बीच ट्रंप की टैरिफ नीति का भारत पर होने वाले असर और भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंध को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि बीते 3 तारीख को वाणिज्य मंत्रालय ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें भारत की स्थिति स्पष्ट की गई थी। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी द्वारा लगाए गए टैरिफ के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है। साथ ही, दोनों देशों की व्यापार टीमों के बीच पारस्परिक टैरिफ और व्यापार के मुद्दों पर चर्चा चल रही है।

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जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत अमेरिका के साथ अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी और बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों की व्यापार टीमें जल्द ही इस समझौते को अंतिम रूप दे लेंगी।

जयशंकर और मार्को रुबियो की बातचीत
जायसवाल ने आगे एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण टेलीफोन बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें क्षेत्रीय विकास, अंतर्राष्ट्रीय विकास, और द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जल्द समापन के महत्व पर जोर दिया गया।
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भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर चर्चा
जायसवाल ने आगे बताया कि दोनों नेताओं ने विशेष रूप से अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों पर विचार किया और इस बात पर सहमति जताई कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देना चाहिए। जयशंकर ने इस बातचीत के बाद कहा कि उन्होंने और रुबियो ने इंडो-पैसिफिक, भारतीय उपमहाद्वीप, यूरोप, मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया और कैरिबियन सहित कई भू-राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

तहव्वुर राणा मुद्दे पर भी बोले जायसवाल
साथ ही रणधीर जायसवाल ने आगे मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की वापसी पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा की याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि राणा के प्रत्यर्पण के बारे में फिलहाल कोई नई जानकारी नहीं है, और उचित समय पर इस पर अपडेट दिया जाएगा।

 

 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल - फोटो : एएनआई

बांग्लादेश मुद्दे पर भी बोले जायसवाल
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर भी जायसवाल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमने बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय और हिंसा के बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। इस तरह की हिंसा और अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार इन अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

साथ ही तीस्ता जल संधि पर जायसवाल ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा हैं। इन नदियों के जल मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय तंत्र है, जिसे संयुक्त नदी आयोग कहा जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन पर परस्पर सहमति हो और समग्र वातावरण इसके लिए अनुकूल हो।

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बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा पर भी बोले जायसवाल
इतना ही नहीं बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को वापस लेने पर भी जायसवाल ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा के कारण हाल के समय में हमारे हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर काफी भीड़ हो गई थी। इसके चलते लॉजिस्टिक्स में देरी और उच्च लागत का सामना करना पड़ रहा था, जिससे हमारे खुद के निर्यात में बाधा आ रही थी और बैकलॉग बढ़ रहा था। इसलिए यह सुविधा 8 अप्रैल, 2025 से वापस ले ली गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम से भारतीय क्षेत्र से होकर नेपाल या भूटान को बांग्लादेश से होने वाले निर्यात पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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