विदेश मंत्री जयशंकर और उनके ब्राजील समकक्ष कार्लोस
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भारत और ब्राजील ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए समकालीन चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके। 8वीं ब्राजील-भारत संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) के बाद एक संयुक्त बयान में यह सहमति परिलक्षित हुई।
संयुक्त आयोग की बैठक को 24 अगस्त को ब्रासीलिया में आयोजित किया गया था। इसकी सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके ब्राजील के समकक्ष कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको फ्रैंका ने की थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि 2006 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी और गहरी हुई है।
बयान में कहा गया कि यह साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, एक समान वैश्विक दृश्टि और अपने लोगों के कल्याण के लिए सामाजिक समावेश और सतत विकास के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर आधारित है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सहित जी-20, ब्रिक्स, आईबीएसए, बेसिक और जी-4 जैसे बहुपक्षीय संगठनों में बी बड़े पैमाने पर सहयोग करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और ब्राजील ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए समकालीन चुनौतियों का मुकाबला करने में मदद के लिए यूएनएससी के व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।
दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार और आर्थिक संबंधों की समीक्षा की और कोविड-19 महामारी से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया।
मंत्रालय ने कहा, कुळ द्विपक्षीय व्यापार पिछले साल की तुलना में 2021 में 63.5 प्रतिशत से बढ़कर 11.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया और भारत-ब्राजील का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार के विकास और विविधीकरण के लिए महान क्षमता का उल्लेख किया और निजी क्षेत्र से संबंधित बाजारों में अवसरों का पता लगाने का आग्रह किया।