फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MEA: 'संघर्ष विराम में तीसरे पक्ष ने नहीं की मध्यस्थता', संसदीय समिति की बैठक में ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

Mon, 19 May 2025 06:47 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑपरेशन सिंदूर और भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति की बैठक में सांसदों को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कई जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हमेशा पारंपरिक क्षेत्र में रहा है और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद के एनेक्सी भवन में विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति की बैठक में सांसदों ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मध्यस्थता के दावे पर सवाल उठाए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि संघर्ष विराम में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी। यह फैसला द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था।
विज्ञापन


उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हमेशा पारंपरिक क्षेत्र में रहा है और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि कुछ सांसदों ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने संघर्ष में चीनी मंच का इस्तेमाल किया था? इस पर मिस्री ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने समिति को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संसदीय समिति को बताया कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब दिया है। आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया।

ये भी पढ़ें: नूंह का तारीफ कैसे बना पाकिस्तानी जासूस, कैमरे पर किया कन्फेस; देखें बड़ा कबूलनामा
विज्ञापन


विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद, सतनाम सिंह, नवीन जिंदल, अपराजिता सारंगी, अरुण गोविल और आरपीएन सिंह शामिल हैं।  बैठक भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य संघर्ष को लेकर हो रही है। 
 
ये भी पढ़ें: 'ऑपरेशन सिंदूर अभी बाकी है', स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की पाकिस्तानी साजिश पर बोले मेजर
विज्ञापन


शशि थरूर बोले- हमारा प्रतिनिधिमंडल देर से जाएगा अमेरिका
पाकिस्तान को बेनकाब करने विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में से एक का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मेरे प्रतिनिधिमंडल की ब्रीफिंग शुक्रवार को ही होगी। इसलिए मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा। कुछ टीमें पहले ही रवाना हो रही हैं और इसलिए उन्हें कल अपनी बैठक करनी होगी। लेकिन हमारा प्रतिनिधिमंडल थोड़ा देर से रवाना हो रहा है क्योंकि अमेरिका में मेमोरियल डे वीकेंड है और अमेरिका में संसद का सत्र दो जून तक नहीं है। इसलिए वहां बहुत जल्दी पहुंचने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए हम देर से पहुंच रहे हैं और देर से जा रहे हैं। हम 24 मई को रवाना होंगे। हम पहले गुयाना, पनामा, कोलंबिया, ब्राजील और फिर अंत में अमेरिका जा रहे हैं। आज ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विदेश सचिव ब्रीफिंग कर रहे हैं।

गहन और व्यापक चर्चा हुई: शशि थरूर
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमारे बीच बहुत व्यापक और समृद्ध चर्चा हुई। हमारे 24 सदस्य इसमें शामिल हुए। कई सांसदों के पास पूछने के लिए विचारशील प्रश्न थे। यहां तक कि अनुचित हमलों या टिप्पणियों के सामने विदेश सचिव के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित करने की इच्छा थी, उन्होंने खुद अनुरोध किया कि कोई प्रस्ताव नहीं होना चाहिए, लेकिन यह समिति की सर्वसम्मत भावना थी कि उन्होंने राष्ट्र के लिए अच्छी सेवा की है। हम सभी उनके साथ खड़े हैं। यह कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं था, लेकिन यह निश्चित रूप से सभी की इच्छा थी। मैं यह भी जोड़ना चाहता हूं कि समिति ने कई मायनों में बहुत सारे रचनात्मक मुद्दों को कवर किया है और विभिन्न सवालों के संतोषजनक जवाब दिए हैं। हमारी अच्छी चर्चा हुई है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें