नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने पेरिस के एफिल टावर से जुड़े विवाद, भारत-चीन LAC सैन्य बैठक और 2027 में पाकिस्तान में होने वाले क्षिण एशियाई महासंघ (एसएएफ) खेल में भारत की संभावित भागीदारी पर जानकारी दी।
एफिल टावर मामले पर MEA ने क्या कहा?
बीएपीएस संस्था के प्रतिनिधिमंडल की पेरिस यात्रा के दौरान एफिल टावर की कुछ जगहों पर महिला कर्मचारियों को नहीं जाने देने संबंधी रिपोर्टों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार को इस मामले की जानकारी है। उन्होंने बताया कि पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था की ओर से एक मंदिर का उद्घाटन हुआ है। हालांकि एफिल टावर से जुड़े विशेष मामले को उन्होंने संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय बताया। विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
LAC पर भारत-चीन के बीच क्या हुआ?
भारत-चीन सीमा से जुड़े LAC मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक की जानकारी दी। रणधीर जायसवाल के अनुसार, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के बाद WMCC की बैठकें बीजिंग और नई दिल्ली में हुई थीं। इसके बाद पहली वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग 6 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र के वाचा और 7 सितंबर को चीन की ओर दमाई में हुई। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सेक्टर में भी इसी तरह की व्यवस्था मौजूद है।
जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौट रही है। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए वीजा से जुड़े मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण है। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही और आपसी संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
पाकिस्तान में एसएएफ गेम्स में भारत जाएगा?
2027 दक्षिण एशियाई महासंघ खेल में भारत की भागीदारी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला खेल मंत्रालय की हालिया नीति के अनुसार होगा। प्रवक्ता ने कहा कि इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय और संबंधित खेल संस्थाओं के निर्देशों के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों के हित को भी ध्यान में रखा जाएगा। यानी पाकिस्तान में होने वाले एसएएफ गेम्स में भारत की भागीदारी पर अभी कोई अंतिम फैसला स्पष्ट नहीं किया गया है।
UNGA प्रस्ताव पर भारत का क्या रुख रहा?
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनाए गए एक प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इसके पक्ष में मतदान किया था। जायसवाल के अनुसार, भारत ने उस समय अपनी स्थिति भी स्पष्ट की थी। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव का उद्देश्य किसी निजी पक्ष या किसी विशेष संस्था के नक्शे का समर्थन करना नहीं है। इसमें समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत को महत्व देने की बात कही गई है, ताकि महाद्वीपों और भौगोलिक क्षेत्रों के वास्तविक आकार का सही अनुपात दिखाया जा सके।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति से मिले भारतीय हाई कमिश्नर
बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर ने राष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में भारत-बांग्लादेश संबंधों, दोनों देशों के साझा रिश्तों और लोगों के बीच संपर्क को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे और मजबूत करने के तरीकों पर भी बातचीत हुई।
BRICS सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी पर अपडेट नहीं
BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने फिलहाल कोई नया अपडेट देने से इनकार किया। हालांकि, मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि संबंधित नेताओं और बैठकों के समय की विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
रूसी सेना में अब भी करीब दो दर्जन भारतीय
रूस की सेना में मौजूद भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब दो दर्जन भारतीय अभी भी रूसी सेना में हैं। भारत ने इस मामले को रूसी सरकार के सामने उठाया है। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि इन भारतीयों को जल्द से जल्द रूसी सेना से मुक्त कर भारत वापस भेजा जाएगा।