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#MeToo पर पहली बार बोले अमित शाह- एमजे अकबर पर लगे आरोपों की होगी जांच

Sat, 13 Oct 2018 08:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अमित शाह-एमजे अकबर
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केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर पर कई महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से उनपर कार्रवाई की मांग उठ रही है। खुद भाजपा की महिला मंत्रियों ने भी अकबर के खिलाफ मोर्चा खोला और कहा कि पीड़िताओं को न्याय मिलना चाहिए। अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि विदेश राज्यमंत्री पर लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री पर जो आरोप लगे हैं उनकी सत्यता की भी जांच होनी चाहिए।

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अमित शाह ने कहा, 'देखना पड़ेगा ये सच है या झूठ। हमें पद की सत्यता और जिस व्यक्ति ने इसे पोस्ट किया है उसकी भी जांच करनी होगी। आप मेरे नाम का इस्तेमाल करते हुए भी कुछ लिख सकते हैं। हम इस पर जरूर सोचेंगे।' भाजपा नेतृत्व की तरफ से यह पहला बयान है। मी टू अभियान के तहत अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि विभिन्न संस्थानों में संपादक रहते हुए उन्होंने उनका यौन शोषण किया था। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि पार्टी अपने मंत्री पर लगे आरोपों को लेकर गंभीर है।

शाह ने कहा कि सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां अविश्वसनीय आरोप लगाए जा सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान ने भाजपा में एक बहस शुरू करने का काम जरूर किया है। शाह ने साफ किया है कि एमजे अकबर पर लगे आरोपों के बाद एक नकारात्मक संदेश जा रहा है और पार्टी इसे लेकर चिंतित है। शुक्रवार को अकबर के खिलाफ एक और अकाउंट से मी टू अभियान के अंतर्गत आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर यौन शोषण के आरोपों को लेकर जारी बहस के कारण पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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शाह का कहना है कि सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां किसी भी तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं। चाहे वो कितने भी पुराने क्यों ना हो। लेकिन एमजे अकबर के खिलाफ चल रहे विवाद ने भाजपा को डराने का काम किया है क्योंकि मोदी सरकार में महिलाओं के पक्ष में कई फैसले लिए गए हैं। ऐसे में अपने मंत्री का नाम यौन शोषण के आरोप में आने के कारण भाजपा परेशान है। 

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्यमंत्री रामदास अठावले का कहना है कि अकबर को इस्तीफा दे देना चाहिए यदि उनके खिलाफ लगे आरोप सही पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अकबर का पक्ष सुनना भी जरूरी है। शिकायतें गंभीर हैं और भाजपा को कार्रवाई करनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अकबर का बचाव करते हुए इसे उन्हें और महिलाओं के बीच का मामला बताया है। वहीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मी टू अभियान के तहत सामने आने वाले मामलों की जांच के लिए एक समिति बनाने की बात कही है।

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