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MCD Election 2022: सभी वर्तमान पार्षदों को टिकट देगी कांग्रेस, 100 टॉप सीटों पर रहेगा फोकस

सार

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नगर निगम चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर दिल्ली की राजनीति में अपनी मजबूत वापसी करने के लिए तैयार है। इसके लिए मैनीफेस्टो कमेटी, कैम्पेन कमेटी और कोओरडीनेशन कमेटी समेत विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
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राजस्थान के नेताओं के लिए एडवाइजरी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दिल्ली नगर निगम चुनाव (MCD Election 2022) में कांग्रेस अपने सभी वर्तमान 31 पार्षदों को दोबारा मैदान में उतार सकती है। इसके अलावा पार्टी के पूर्व विधायकों और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों को भी चुनाव में उतरने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। निगम की 250 सीटों के लिए अब तक लगभग एक हजार उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोंकी है। रविवार को प्रदेश मुख्यालय में हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह निश्चित किया गया है कि किसी भी वार्ड से केवल ‘जिताऊ उम्मीदवारों’ को ही मैदान में उतारा जाएगा। 

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नगर निगम चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर दिल्ली की राजनीति में अपनी मजबूत वापसी करने के लिए तैयार है। इसके लिए मैनीफेस्टो कमेटी, कैम्पेन कमेटी और कोओरडीनेशन कमेटी समेत विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है। सोमवार को कमेटी के चेयरमैन और इसके सदस्यों की घोषणा कर दी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक डॉ. नरेंद्र नाथ को मेनिफेस्टो कमेटी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। 

100 सीटों पर विशेष फोकस क्यों?
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने अमर उजाला को बताया कि इस चुनाव के जरिये पार्टी प्रदेश की राजनीति में मजबूत वापसी करने के लिए तैयार है। 2017 के पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था। उसे केवल 31 सीटों पर सफलता मिली थी और उसे 21.09 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे। इसके पूर्व यानी 2012 के निगम चुनाव की तुलना में 2017 में 46 कम सीटों पर सफलता मिली थी। लेकिन इस चुनाव में उसका मत प्रतिशत आम आदमी पार्टी के मत प्रतिशत से केवल पांच प्रतिशत ही कम था। आम आदमी पार्टी को केवल पांच फीसदी ज्यादा मत से 48 सीटों पर सफलता मिली थी।
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नेता के मुताबिक, बीते पांच साल की राजनीति में अरविंद केजरीवाल के झूठ का पर्दाफाश हुआ है। जनता के सामने यह बात खुलकर सामने आ गई है कि वे केवल झूठ बोलने की राजनीति करते हैं और उनके पास जनता को देने के लिए झूठ के सिवा कुछ नहीं है। केजरीवाल ने शीला दीक्षित के ऊपर तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगाये, लेकिन उनमें से एक को भी साबित नहीं कर पाए, जबकि इसी दौरान उसके कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन से लेकर पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन तक जेल में हैं और बेहद गंभीर मामलों में सजा काट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक हालात में यदि कांग्रेस अपने खोये पांच फीसदी मतों को भी दुबारा सहेजने में सक्षम हो जाती है तो उसे लगभग सौ सीटों पर सफलता मिल सकती है। नेता के मुताबिक, यह काम मुश्किल नहीं है और पार्टी इसके लिए अलग-अलग वर्गों के लिए ख़ास रणनीति बनाकर मैदान में उतरेगी और सफलता हासिल करेगी।

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