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'जनता का ध्यान बंटाने के लिए युद्ध करा सकती है भाजपा'

Mon, 29 Aug 2016 05:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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मायावती
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बसपा मुखिया मायावती रविवार को सपा प्रमुख के गढ़ में खूब गरजीं। उन्होंने सपा, भाजपा और कांग्रेस सभी को निशाने पर रखा। भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि इस समय उसकी हालत खराब है। उसके पास प्रत्याशी नहीं हैं। बसपा छोड़ने वाले स्वार्थी लोग जो पार्टी पर टिकट बेचने का आरोप लगा रहे हैं और जिन्हें पार्टी ने अलग कर दिया है भाजपा उन्हें लेकर चल रही है। अच्छा हुआ कि चुनाव के पहले ये बसपा से निकल गए और पार्टी की गंदगी साफ हो गई।
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अब यह गंदगी भाजपा में चली गई है। उन्होंने 15 अगस्त को लालकिले से दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए भाजपा आतंकवाद और कश्मीर के मुद्दे उठा कर यूपी चुनावों के पहले पाक से युद्ध भी छेड़ सकती है। सपा शासन पर कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कांग्रेस अपनी गलत नीतियों के चलते ही प्रदेश के बाद कें द्र से भी बाहर हो चुकी है। कहा कि हम चाहते हैं कि पूर्वांचल पृथक राज्य बने लेकिन उनके इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया।

वे शहर से सटे हर्रा की चुंगी स्थित आईटीआई के मैदान में रविवार को बसपा की आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती मंडल की रैली को संबोधित कर रही थीं।  निर्धारित समय से तीस मिनट विलंब से 12.30 बजे पहुंची मायावती का भारी भरकम पुष्प माला से स्वागत किया गया। भारी भीड़ से उत्साहित बसपा मुखिया ने कहा कि यह मैदान सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के लिए काफी बड़ा था लेकिन बसपा के लिए यह छोटा पड़ गया है। कहा कि भाजपा और सपा मिलीभगत कर सरकार बनाना चाहती है जिसे रोकना होगा। ऐसा करने से ही हम अंबेडकर और कांशी राम के सपनों को साकार करे सकेंगे।
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हर मोरचे पर विफर है भाजपा

उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोगों को अच्छे दिन का सपना दिखाया था। लेकिन अपने ढाई साल के कार्यकाल में वह हर मोरचे पर विफल है। उसने चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया। न गरीबों को सस्ता राशन, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं विदेशों से काला धन लाया गया। सरकार ऐसे कानून बनाए हैं कि व्यापारी रोजी रोटी के मोहताज हो गए हैं। मोदी ने बंद कारखानों को चालू करने की बात कही थी लेकिन विधानसभा चुनाव सामने आने पर उन्होंने गोरखपुर के खाद कारखाने का मात्र शिलान्यास किया।

मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के एक लाख 14 करोड़ रुपये का कर्ज  माफ किया लेकिन छोटे कर्जदार वैसे ही परेशान हैं। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। जनधन योजना, बीमा योजना, स्मार्ट सिटी का लाभ पूंजीपति उठा रहे हैं। बुलेट ट्रेन में भी धनाढ्य ही सफर कर सकते हैं। केंद्र सरकार निजी कंपनियों से कार्य करा कर दलितों को मिलने वाली सुविधाएं खत्म कर रही है।

दलितों, पिछड़ों का उत्पीड़न हो रहा है, बेमुला कांड इसका उदाहरण है। दलित, पिछड़े लोग भाजपा और मोदी की हमदर्दी नहीं चाहते हैं बल्कि दलित उत्पीड़न करने वाले दोषियों पर कार्रवाई चाहते हैं। मुस्लिमों की हालत दलितों से भी बदतर है। आतंकवाद के नाम पर मुस्लिमों को शक की नजर से देखा जा रहा है जिसकी हम निंदा करते हैं।

 कहा कि भाजपा संघ के जरिये दलितों को हिंदू कहकर और मोदी के इशारे पर कुछ बौद्ध भिक्षु को साथ रख कर भ्रम पैदा कर रहे हैं। इससे सतर्क रहना होगा। भाजपा के लोग चुनाव के समय तिलक, तराजू और तलवार की बात उछाल सकते हैं। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय महज बसपा का नारा नहीं बल्कि मिशन है। हमारी सरकार बनी तो अगड़े, पिछड़ों, मुस्लिम समेत सभी वर्गों के विकास का काम किया जाएगा।
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मोदी के अंदाज में जनता से संवाद

- फोटो : amar ujala
सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में चोरी, डकैती, हत्या, गुंडा टैक्स, बलात्कार की घटनाएं लगातार हो रही हैं। प्रदेश के 75 जिलों में कहीं न कहीं बलात्कार की घटना रोज हो रही है। कहा कि सपा ने जो विकास कार्य किए हैं उनमें कई की शुरुआत बसपा अपने शासन में कर चुकी थी। एक्सप्रेस वे परियोजना की शुरुआत बसपा ने 2008  में की थी। उन्होंने कांग्रेस पर कहा कि गलत नीतियों के चलते प्रदेश के साथ वह केंद्र से भी बाहर हो गई।

कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को दस फीसदी आरक्षण देने की बात कही, जो संविधान में संशोधन के बिना संभव नहीं है। यह कांग्रेस का छलावा है। बसपा वर्षों से अगड़े, पिछड़े, गरीब, मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को अलग से आरक्षण देने के लिए केंद्र से आग्रह करती रही है लेकिन केंद्र ने इसका संज्ञान नहीं लिया। कहा कि कांग्रेस ने जिस ब्राह्मण महिला को यूपी के मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया है उन्होंने यूपी से दिल्ली आए लोगों को कसूरवार ठहराया था। ऐसी स्थिति में कांग्रेस यहां विकास करने वाली नहीं है। कांग्रेस चाहे रथयात्रा कर ले या पदयात्रा, यहां की जनता उसे स्वीकार नहीं करेगी।

मोदी के अंदाज में जनता से संवाद
आजमगढ़। बसपा मुखिया मायावती ने रविवार को पार्टी की मंडलीय रैली में मोदी के अंदाज में जनता से संवाद किया। उन्होंने मोदी के किए वादों के पूरे न होने संबंधी सवालों पर जनता से हुंकार भी भरवाई। जनता से संवाद में उन्होंने पूछा कि ‘2014 के चुनाव के दौरान मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार बनी तो अच्छे दिए आएंगे’। ‘अच्छे दिन आ गए क्या?’, जवाब भीड़ से मिला ‘नहीं’। फिर पूछा ‘उन्होंने कहा था कि देश के गरीबों, कमजोरों को राशन सस्ता मिलेगा’। ‘बताएं राशन मिला क्या?’, जवाब आया ‘नहीं’ं। फिर पूछा, ‘भाजपा और मोदी ने यह भी कहा था कि बिजली, पानी सस्ती होगी’। ‘ऐसा हुआ क्या’, जवाब मिला ‘नहीं’। आगे पूछा ‘गरीबों को पक्का मकान देने की बात कही थी’ ‘क्या किसी को मिला’, मैं जानती हूं कि किसी को नहीं मिला। मायावती का यह बदला अंदाज सभा में आए लोगों को खूब पसंद आया।

दयाशंकर मसले पर उतावला होने की जरूरत नहीं
भाजपा के निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह द्वारा अपने ऊपर दिए गए आपत्तिजनक बयान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दयाशंकर सिंह ने जिस तरह का बयान दिया उससे पार्टी कार्यकर्ताओं को उतावला होने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में संयम बरता जाना चाहिए। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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