चुनावी जनसभा में 42 मिनट के अपने भाषण में बसपा प्रमुख मायावती भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों पर हमलावर रहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा। मायावती बोलीं कि बदहाल कानून-व्यवस्था के बाद भी केंद्र में सरकार रहने पर मोदी-शाह अंकल और सोनिया आंटी दोनों प्रदेश की बबुआ-भतीजे की सरकार को बचाते रहे।
प्रदर्शनी मैदान में भीड़ को संबोधित करते हुए मायावती बोलीं कि अखिलेश सरकार में विकास के आधे अधूरे कार्य किए गए। जनहित, विकास के जो कार्य हुए भी हैं, उनकी शुरूआत बसपा शासनकाल में हुई थी।
समाजवादी पेंशन योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा सरकार में महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के नाम से यह चल रही थी। प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी गोद लिया बेटा बताकर ड्रामा कर रहे हैं। केंद्र में पौने तीन वर्ष बिताने के बावजूद एनडीए सरकार ने एक चौथाई चुनावी वादे भी पूरे नहीं किए हैं। लोकसभा चुनाव में 15-15 लाख रुपये देने का वादा पूरा नहीं हुआ।
नोटबंदी का अति जन पीड़ादायी फैसला लिया। चर्चा है कि मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के पहले ही पार्टी नेताओं और धन्नासेठों का धन ठिकाने लगवा दिया। इसलिए यूपी की जनता पीएम के चाल, चरित्र और नीति से दुखी होकर आशीर्वाद नहीं देने वाली। खुद को बेटी बताते हुए कहा कि अब आशीर्वाद उन्हें ही मिलेगा। मोदी को बड़ा, शाह को छोटा अंकल और सोनिया गांधी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की आंटी बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल होने के बावजूद केंद्र की एनडीए और यूपीए सरकार काबिज होने सपा को बचाते रहे।