कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के शहीदों के खून की दलाली करने वाले बयान के विवादों में घिरने से बसपा ने सबक लिया है। पार्टी सुप्रीमों मायावती ने अपने सभी नेताओं को हिदायत दी है कि चुनाव के मद्देनजर विवाद से बचने को लिखित भाषण दें। संवेदनशील मुद्दों पर राय रखते समय लिखे भाषण को अनिवार्य कर लें। साथ ही समझाया जा रहा है कि विरोधी दलों की फंसाने की साजिश से होशियर रहें।
राहुल गांधी ने शहीदों के खून की दलाली करने का आरोप भाजपा पर मेरठ में रोड शो केदौरान लगाया था। हालांकि कांग्रेस ने बाद में इसपर सफाई दी थी। नौ अक्तूबर को लखनऊ में बसपा की रैली में खुद मायावती ने इस पर अपना रुख साफ किया था। कहा था कि विवाद केबचने के लिए ही वह खुद लिखकर भाषण पढ़ती हैं। उसके बाद अब बसपा ने अपने नेताओं को भी लिखकर भाषण पढने की हिदायत दी है। पार्टी की तरफ से नेताओं को संदेश दिया गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में यूपी में माहौल बना हुआ है।