2002 के नरोदा पाटिया दंगा मामले में बरी होने वाली गुजरात सरकार की पूर्व मंत्री माया कोडनानी ने शनिवार को कहा कि सच की हमेशा जीत होती है। फिलहाल उन्होंने फिर राजनीति में सक्रिय होने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन वह हमेशा से भाजपा की कार्यकर्ता थीं और रहेंगी।
तीन बार विधायक रहीं कोडनानी के मुताबिक, मुश्किल हालात में परिवार उनकी ताकत बना रहा। समय ने मेरी परीक्षा ली। मैंने मुश्किल समय को पार कर लिया। पेशे से स्त्रीरोग विशेषज्ञ रहीं कोडनानी अहमदाबाद की नरोदा विधानसभा सीट से 1998, 2002 और 2007 में विधायक रहीं। उन्हें तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया।
2008 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने उन्हें नरोदा गांव नरसंहार मामले में आरोपी बनाया गया। अगस्त 2012 में विशेष अदालत ने कोडनानी को 28 साल की सजा सुनाई। इसे हाईकोर्ट ने पलटते हुए शुक्रवार को उन्हें साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।