काले धन पर नियंत्रण के लिए 1,000-500 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने के प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के फैसले के बाद पड़ोसी देश नेपाल व बांग्लादेश के साथ होने वाले कारोबार के प्रभावित होने की आशंका है। औद्योगिक संगठनों के मुताबिक नेपाल, बांग्लादेश व म्यांमार जैसे देशों के सीमावर्ती इलाके में होने वाले कारोबार पर विपरीत असर पड़ सकता है।
औद्योगिक संगठनों के मुताबिक, नेपाल से सटे भारत के कई इलाकों की सीमा पर दोनों देशों के नागरिक सामान की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। उत्तर-पूर्व में कई जगहों पर बांग्लादेश की सीमा पर हाट लगाए जाते हैं। नेपाल की राजधानी, काठमांडू के कारोबारी, उमेश राणा ने बताया कि नेपाल में सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जिनके पास भारतीय रुपये हैं और ये रुपये 500 व 1,000 रुपये के नोट के रूप में हैं।
राणा कहते हैं कि अधिकतर नेपाली कारोबारी भारत के साथ होने वाले कारोबार को अंजाम देने या भारत आने-जाने के लिए रुपये को अपने पास रखते हैं। भारत में 500 व 1,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने के बाद नेपाली कारोबारी अपने भारतीय संपर्क के जरिए उन नोटों को कैश कराने की कोशिश करेंगे या फिर हवाला कारोबारियों की मदद लेंगे।
बीरगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, नेपाल के बीरगंज इलाके में होने वाले कारोबार में पिछले दो दिनों से काफी गिरावट आई है। नेपाल में भारतीय करेंसी को लेने से मना करने के बाद यहां के कारोबारियों को अब भारत के नए नोट का इंतजार है।