जिले की बैंकों में नकली नोट जमा करा दिए गए। खास बात यह है कि सारे दिन नोटों को गिनने वाले भी असली-नकली की पहचान नहीं कर पाए। रिजर्व बैंक के खजाने तक रुपये पहुंच गए। यहां जांच के बाद खुलासा होने पर सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई, जबकि कई बैंकों के अफसर जांच के घेरे में आ गए हैं। नकली नोटों के सौदागरों ने ब्रज की बैंकों में सेंधमारी करते हुए नकली नोटों को खामोशी के साथ चला दिया।
इसमें 100 रुपये से लेकर 1000 तक के नकली नोट जमा कराए गए हैं। 500 के नकली नोट भी बैंकों तक पहुंच गए। स्थिति यह है कि एटीएम भी नकली नोट उगलने लगे थे। कई जिलों में खुफिया एजेंसियों ने भी रिपोर्ट दी थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नकली नोट बड़े पैमाने पर खपाए जा रहे हैं। सितंबर में रिजर्व बैंक ने भी अलर्ट जारी किया था, लेकिन फिर भी बैंक वाले इन नकली नोटों को पहचान नहीं पाए।
मथुरा होलीगेट पर स्थित सिंडीकेट बैंक में ही नकली नोट जमा करा दिए गए। पता भी तब चला जब रिजर्व बैंक में चेकिंग कराई गई। अक्तूबर में जो कैश भेजा गया था उसमें 100 के 23 नोट और 500 का एक नोट फिलहाल नकली मिला है। इस मामले में रिजर्व बैंक कानपुर के प्रबंधक सत्यकुमार ने सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है। मामले में जांच भी बैठा दी गई है। जांच के दायरे में बैंक प्रशासन के कई अधिकारी आ सकते हैं।