जवाहर बाग के कब्जाधारियों को मिर्ची, खांसी स्प्रे और आंसू गैस के गोले छोड़कर हताश करने की योजना भी हवा के बदले रुख ने फेल कर दी थी। प्रशासन और पुलिस अधिकारी करीब एक माह से इसकी रणनीति बना रहे थे।
चार मई को तहसील परिसर में कब्जाधारियों द्वारा मारपीट करने के बाद इसे खाली कराए जाने के लिए पहली बार प्रशासन की ओर से कड़ी पहल हुई। आलाधिकारियों के बीच बैठकों का दौर चला। इसमें जवाहर बाग में जमे कब्जाधारियों को हटाने के लिए होने वाली कार्रवाई में पुलिस द्वारा पहले मिर्ची स्प्रे, खांसी स्प्रे और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया जाना था।
लेकिन गुरुवार शाम को अचानक उम्मीद के विपरीत हुई कार्रवाई पुलिस पर ही भारी पड़ गई। पुलिस ने स्प्रे का प्रयोग करने का प्रयास किया तो हवा का रुख उनकी ही ओर था। इससे पुलिसकर्मियों को ही परेशानी होने लगी तो इसका प्रयोग बंद कर दिया गया।