भारतीय मूल की कमला हैरिस को अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस पर दिल्ली में रहने वाले उनके मामा ने खुशी जताई है। हैरिस के मामा गोपालन बालचंद्रन ने कहा, हमारा परिवार खुश है। यह भारतीय समुदाय के लिए ऐतिहासिक दिन है।
बालचंद्रन ने कहा, 'मेरी बहन को अपनी बेटी पर बहुत गर्व होता। मेरी बहन की मृत्यु 2009 में हो गई थी। कमला उनकी अस्थियां बंगाल की खाड़ी में विसर्जित करने के लिए यहां आई थीं। मेरी उससे बात पिछली बार अक्तूबर-दिसंबर में हुई थी, जब मैं अमेरिका में था। आज मैंने उसे एक बधाई संदेश भेजा है।'
उन्होंने कहा, अमेरिका में एक सीनेटर होने के नाते पिछले कुछ सालों में उनका यहां आना-जाना कम हुआ है। वह भारतीय हैं और उन्हें भारत पसंद है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत जो भी कहे वही उनके लिए सही है। वह जमैकन भी हैं और अफ्रीकी-अमेरिकी भी हैं, वह अपना निर्णय खुद लेती हैं।
बालाचंद्रन ने कहा, 'अगर उन्हें भारत और किसी अन्य के बीच में चुनाव करना पड़े तो वह भारत को चुनेंगी बशर्ते वह अमेरिकी हितों के खिलाफ न हो। आखिरकार, उन्होंने अमेरिकी संविधान की शपथ ली है।' बता दें कि कमला कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं और वो पुलिस सुधार की बहुत बड़ी समर्थक हैं।
ओबामा ने की हैरिस के चयन की सराहना
बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार जो बाइडेन ने कमला को अपना रनिंग मेट यानी उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है। हैरिस (55) इस समय अमेरिका के कैलिफोर्निया से सीनेटर हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी हैरिस की सराहना करते रहे हैं और उन्हें अक्सर पथ-प्रदर्शक बताते रहे हैं।
ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई अश्वेत महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनी है। यदि हैरिस उपराष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर काबिज होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी-अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी।
बराक ओबामा ने कहा कि हैरिस इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यह हमारे देश के लिए शुभ दिन है। पार्टी के एक उच्च पदाधिकारी ने बताया कि बाइडेन ने देश में नस्ली भेदभाव के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए कमला हैरिस का चयन किया।