पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की है। मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जबकि मिजोरम में असम राइफल्स ने जौखातार इलाके में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 11.40 करोड़ रुपए की हेरोइन जब्त की। साथ तीन लोग पकड़े गए।
हथियार और गोला-बारूद बरामद
मणिपुर पुलिस ने बुधवार को पांच दिनों के अंदर असम राइफल्स के काफिले पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खोंडोंगबम ओजित सिंह (47) के रूप में हुई है, जो इम्फाल वेस्ट जिले के अवांग लैकिंथबी का निवासी है। उसे 23 सितंबर की तड़के एक बजे, बिष्णुपुर जिले के कामेंग इलाके में असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। उल्लेखनीय है कि इसमें असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हो गए थे।
जानकारी के अनुसार, पूछताछ में ओजित सिंह ने खुद को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का जमानत पर छूटा हुआ सदस्य बताया और स्वीकार किया कि वह अब भी संगठन के लिए काम कर रहा है। उसने यह भी कबूल किया कि गत शुक्रवार को बिष्णुपुर जिले के सबल लाइकाई, नंबोल इलाके में असम राइफल्स पर हुए हमले में उसकी सीधी भूमिका थी। इस हमले में 33 असम राइफल्स जवानों को निशाना बनाया गया था। घटना के बाद वह और उसके साथी लोकटक झील की ओर भागे और वहां हथियार छिपा दिए। मणिपुर पुलिस मुख्यालय ने पुष्टि की है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
उसकी निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने गुप्त ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, जिनमें— एक ए4 राइफल और चार मैगजीन, एक एचके राइफल और दो मैगजीन, दो एके राइफल और पांच मैगजीन, एक इनसास राइफल और तीन मैगजीन, 170 राउंड एके गोलियां, 216 राउंड एम/16 गोलियां, 67 राउंड इनसास की गोलियां, तीन लाठोड शेल, एक मोबाइल, पर्स और आधार कार्ड शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ओजित सिंह इससे पहले भी 22 अप्रैल 2007 को गिरफ्तार हो चुका है। उसकी लंबी आतंकी पृष्ठभूमि रही है।
मणिपुर पुलिस मुख्यालय ने पुष्टि की है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह गिरफ्तारी न केवल हालिया हमले की जांच में बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम भी है।